जयपुर.कोरोना काल के बाद रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए तकनीकी मापदंड जारी करते हुए प्रदेश के नगरीय निकायों में 5000 डेयरी बूथ लगाने का रास्ता निकाला गया है. अकेले राजधानी में 1000 डेयरी बूथ आवंटन किए जाएंगे. हालांकि, सड़क पर लगने वाले एक से दूसरे डेयरी बूथ के बीच की दूरी 200 मीटर से घटाकर 92 मीटर कर दी गई है, जो बड़ी संख्या में बूथ खोले जाने की व्यावहारिकता पर सवाल खड़े कर रहा है.
बीते साल मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 5000 डेयरी बूथ लगाने की घोषणा की थी. इसके लिए भू-उपयोग परिवर्तन और फुटपाथ पर अतिक्रमण आदि पर उच्च न्यायालय के आदेशों के चलते बूथों के आवंटन में दिक्कत आ रही थी. हालांकि, अब उच्च न्यायालय के आदेश को ध्यान में रखते हुए स्वायत्त शासन विभाग ने सभी नगरीय निकायों में 5000 डेयरी बूथ खोलने का रास्ता निकाला है. विभागीय आदेशों में चौराहों-तिराहों से लेकर फुटपाथ तक का ध्यान रखा गया है, ताकि किसी भी तरह से लोगों और वाहनों की आवाजाही प्रभावित ना हो.
यह रहेंगे मापदंड...
- सड़क की चौड़ाई 30 फीट होने पर ही डेयरी बूथ लगाने की मंजूरी मिलेगी
- मास्टर प्लान में दर्शाए सभी भू-उपयोग परिवर्तन वाली जमीन पर डेयरी बूथ की स्वीकृति मिल सकेगी
- फुटपाथ पर 3 फुट जगह छोड़ते हुए बूथ लगाने की स्वीकृति दी जा सकेगी
- सड़क पर 300 फीट की लंबाई में केवल एक डेयरी बूथ के अनुमति का प्रावधान रखा गया है