जयपुर. सालों के इंतजार के बाद अब जयपुर जंक्शन पर दिल्ली-मुंबई की तरह बिजली से संचालित होने वाली ट्रेनें दौड़ती नजर आएंगी. यह पहला मौका होगा जब 125 साल बाद जयपुर से पहली बार विद्युतीकरण ट्रेनें शुरू होंगी. इसके लिए विद्युतीकरण का कार्य भी पूरा हो गया है. साथ ही शनिवार को इलेक्ट्रिक इंजन का ट्रायल भी जयपुर से बस्सी के बीच हो चुका है.
रेलवे अफसरों का दावा है, कि इसके शुरू होने से यात्री गंतव्य स्टेशन पर करीब 20 मिनट पहले पहुंच सकेंगे. दरअसल उत्तर पश्चिम रेलवे के चारों मंडल में पटरियों पर विद्युतीकरण का काम तेजी से पूरा किया गया है. केंद्रीय रेल विद्युतीकरण संगठन के चीफ प्रोजेक्ट डायरेक्टर पी आर मीणा के अनुसार अभी तक जयपुर प्रोजेक्ट में रेलवे लाइन का विद्युतीकरण कर लिया है.
इसके अंतर्गत कनकपुरा से मदार, गांधीनगर से बांदीकुई, बांदीकुई से भरतपुर समेत कई ट्रैक का काम पूरा किया गया है. बस्सी से जयपुर और जयपुर से कनकपुरा के बीच लगभग काम पूरा हो गया है और ट्रायल भी हो गया है. जयपुर जंक्शन पर बीते साल यार्ड रीमॉडलिंग की गई थी. यार्ड रीमॉडलिंग के कारण विद्युतीकरण का काम अटक गया था और फिर लॉकडाउन लग गया. जिससे देरी हो गई थी. बस्ती तक सीआरएस पर निरीक्षण भी हो चुका है. अब जल्द ही बस्सी से कनकपुरा के बीच सीआरएस ही बाकी है, जो नवंबर के पहले सप्ताह तक होने के संकेत है. ऐसे में दिवाली तक जयपुर जंक्शन से दिल्ली, अजमेर और कोटा के लिए इलेक्ट्रिक इंजन शुरू हो जाएंगी.
पहले सप्ताह में होगा सीआरएस निरीक्षण