जयपुर.सहकारी समितियों के सुदृढ़ीकरण के लिए प्रथम फेज में 18 जनवरी से प्राथमिक दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों के निर्वाचन की अनुमति दे दी गई है. प्रदेश के 31 जिलों की 7996 प्राथमिक दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों में 18 जनवरी से 31 मार्च तक चुनाव करवाए जाएंगे. यह जानकारी सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने दी.
आंजना ने बताया कि सीएम अशोक गहलोत की मंशा है कि सहकारी समितियों में लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूती प्रदान कर लोकतांत्रिक विकेन्द्रीकरण को पूर्णतया स्थापित किया जाए ताकि अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति की सहभागिता सुनिश्चित हो सके. उन्होंने बताया कि कोविड-19 महामारी के कारण सहकारी समितियों के चुनाव में देरी हुई है. सरकार की मंशा है कि सभी सहकारी समितियों के चुनाव नियमित अंतराल के बाद लगातार होते रहे, इसी को ध्यान में रखते हुए हम कार्य कर रहे हैं.
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सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने बताया कि 7996 दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों के चुनाव से संचालक मंडल के 95,952 के सदस्य निर्वाचित होंगे. निर्वाचित सदस्यों में न्यूनतम 15,992 महिला सदस्य, 7996 अनुसूचित जाति एवं 7996 अनुसूचित जनजाति के सदस्य होंगे. जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ जयपुर में सर्वाधिक 2122 समितियों में और बांसवाड़ा जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ के अंतर्गत सबसे कम 36 प्राथमिक दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों में चुनाव होंगे.