जयपुर.शहर में गुरुवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम और परिवहन विभाग की समीक्षा की. उन्होंने कहा कि रोडवेज को घाटे की स्थिति से उबारने के लिए ऐसी योजना तैयार की जाए, जिससे ये आत्मनिर्भर हो सके और यात्रियों को वाजिब दरों पर सुगम परिवहन सेवा मिल सके. इसके लिए रोडवेज प्रबंधन छीजत कम करने, बसों में जीपीएस लगाने, ऑनलाइन टिकटिंग सहित अन्य तकनीकी नवाचारों को प्रोत्साहन दे. मुख्यमंत्री ने कहा कि रोडवेज की खराब आर्थिक स्थिति के कारण सेवानिवृत्त कार्मिकों को अपने परिलाभों के लिए लम्बे समय से इन्तजार करना पड़ रहा है.
उन्होंने कहा कि इन कार्मिकों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द उनका बकाया भुगतान करने की योजना बनाई जाए. मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संकट की विपरीत परिस्थिति में श्रमिकों, कोचिंग छात्रों और अन्य जरूरतमंदों को गंतव्य तक पहुंचाने में रोडवेज ने संवेदनशीलता से काम किया है. कोविड के कारण अस्थि विसर्जन के लिए निःशुल्क मोक्ष कलश स्पेशल बसों का संचालन जैसा मानवीय कदम सरकार ने उठाया है. यह सेवा अभी भी जारी है.
गहलोत ने कहा कि रोडवेज की बसों में कोविड-19 को देखते हुए अनिवार्य रूप से मास्क लगाए जाने, सैनेटाइजिंग की उचित व्यवस्था और अन्य हेल्थ प्रोटोकॉल का पूरा ध्यान रखा जाए, इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं हो. मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के कारण रोडवेज को करीब 426 करोड़ रूपए की अतिरिक्त हानि होगी. राज्य सरकार ने सामाजिक उत्तरदायित्व निभाते हुए प्रदेशवासियों को बेहतर परिवहन सेवा उपलब्ध करवाने में कोई कमी नहीं रखी. साथ ही, कोविड की विपरीत परिस्थितियों के कारण आर्थिक मार झेल रहे निजी बस ऑपरेटरों को भी राहत दी है.