बीकानेर. देश में चल रही कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए स्थानीय संस्थाएं भी मदद कर रही है. इसी के साथ ही बीकानेर में रहकर सर्दी के दौरान अपने गारमेंट, ऊनी स्वेटर आदि बेचने के लिए आने वाले तिब्बती शरणार्थियों ने एक लाख 11 हजार का चेक जिला कलेक्टर कुमार पाल गौतम को सौंपा. शरणार्थियों ने कहा कि हम कमाकर यहां पेट भरते हैं तो मदद करना हमारा फर्ज है.
तिब्बती शरणार्थियों ने दिए 1 लाख एसोसिएशन के प्रतिनिधि के रूप में पूर्व पार्षद व सामाजिक कार्यकर्ता आदर्श शर्मा और सुंदर लाल अग्रवाल ने जिला कलक्टर को यह चेक सौंपा. इस दौरान कलेक्टर गौतम ने कहा कि इस विकट समय में अन्य राज्यों के शरणार्थियों ने बीकानेर के लोगों के लिए मदद के हाथ बढ़ाना सराहनीय प्रयास है. पार्षद आदर्श शर्मा ने बताया कि एसोसिएशन के सदस्यों ने हिमाचल प्रदेश से यह चेक भेजा है. एसोसिएशन के सदस्यों ने शर्मा को फोन करके बताया कि हम कुछ महीने बीकानेर मे काम कर साल भर अपना और अपने परिवार का पेट भरते हैं. इस आपदा के समय मदद करके हम भी अपना कर्तव्य निभा रहे हैं.
सड़कों पर कोरोना ने लोगों को पकड़ा
शहर के एक चित्रकार ने गुरुवार को एक अनोखी पहल करते हुए कोरोना जागरुकता का संदेश दिया. सड़कों पर बेवजह घूमने वालों लोगों को गुरुवार को सड़क पर कोरोना वायरस का रूप धरे चित्रकार ने पकड़ा. जिसके बाद चित्रकार ने लोगों को बताया कि अगर आज के बाद सड़कों पर दिखें तो कोरोना संक्रमण आप लोगों को अपनी गिरफ्त में ले लेगा.
शहर की सड़कों पर बेवजह घूमने वालों को कोरोना वायरस का रुप धरे चित्रकार ने उन्हें अपने घरों में रहने का वादा लेकर घर जाने दिया. भगत सिंह यूथ ब्रिगेड के चित्रकार मोना सरदार डूडी व राजकुमार ने कोरोना वायरस का प्रतीक बनकर और हाथों में तख्तियां लेकर घरों से बाहर निकले लोगों से नियमों के पालन की अपील की.
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मोना सरदार डूडी ने बताया कि जब से लॉकडाउन लागू हुआ है, तब से लोगों को घरों में रहने की हिदायत दी जा रही है. पुलिस द्वारा अनाउंसमेंट भी करवाया जा रहा है. इतने समझाने के बावजूद भी लोग नहीं माने रहे हैं. लोग बेवजह बाहर घूम रहे हैं. जो शहर वासियों की सेहत के लिए अच्छा नहीं है. इसलिए हमने लोगों को जागरूक करने के लिए कोरोना वायरस का रूप धरा है.