भरतपुर. जिले से सटे उत्तर प्रदेश का आगरा जिला कोरोना मामले में हॉट स्पॉट बनने के बाद राजस्थान सरकार की भी चिंता बढ़ गई हैं. जहां उत्तर प्रदेश से राजस्थान की सीमाओं में ग्रामीण इलाकों में कच्चे रास्तों से पलायन को रोकना सरकार के लिए एक चैलेंज बना हुआ है.
जिसे रोकने के लिए जिले से सरकार में दो मंत्री कैबिनेट मंत्री विश्वेन्द्र सिंह और चिकित्सा राज्य मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग सीमाओं पर विशेष निगाह रखे हुए है. साथ ही प्रशासन को भी निर्देश देकर सीमाओं को कड़े रूप से सील करने के निर्देश दे रहे है. जिससे उत्तर प्रदेश से कच्चों रास्तों से होने वाले पलायन को पूर्ण रूप से रोका जा सके.
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चिकित्सा राज्य मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग के अनुसार आगरा कोरोना मामले में हॉट स्पॉट बना हुआ हैं. जिससे हमारे जिले को खतरा है और इसलिए पूर्व में भी उत्तर प्रदेश से लगने वाली ग्रामीण इलाकों की सीमाओं पर कच्चे रास्तों को खोदकर रास्ता बंद किया गया है.
इसके अलावा कई राज्यों में भी सीमाओं पर कच्ची सड़के खोदी गई है. मुख्यमंत्री ने भी अंतरराज्यीय सीमाओं को पूर्ण रूप से सील करने को कहा है. कोई व्यक्ति चोरी छुपे एक राज्य से दूसरे राज्य की सीमा में घुस रहा है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए.
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महाराष्ट्रा में रेल हादसा हुआ, साथ ही विशाखापट्ट्नम में गैस हादसा हुआ, जो दुखद है. साथ ही इन हादसों के पीछे क्या कारण रहे उसकी जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए. जब बहुत पहले भोपाल में गैस हादसा हुआ था, तब राजीव गांधी प्रधानमंत्री थे, तब उनसे इस्तीफे की मांग की थी लेकिन आज मैं सोचता हूं कि इस हादसे के बाद भारत सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि इस गैस त्रासदी की पूरी तरह से जांच कराई जाकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और पीड़ित लोगों को सहायता प्रदान की जाए.