भरतपुर. पूरा विश्व कोरोना संक्रमण से जूझ रहा है. संक्रमण के इन विकट हालातों में गाइड लाइन की पालना कराने के लिए फ्रंटलाइन ड्यूटी दे रहे पुलिस के जवान भी कोरोना संक्रमण से अछूते नहीं रह गए हैं. लोगों को कोरोना से सावधान रहने के लिए जागरूक करने वाले पुलिसकर्मी भी लाख सावधानी रखने के बावजूद कोरोना की चपेट में आ रहे. यही वजह है कि बीते वर्ष से अब तक भरतपुर के 316 पुलिसकर्मी इस महामारी की चपेट में आ चुके हैं, जबकि तीन पुलिसकर्मियों की कोरोना से मौत भी हो चुकी है.
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89 जवान लड़ रहे संक्रमण से जंग
पुलिस विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बीते वर्ष से 15 मई 2021 तक जिले में 316 पुलिसकर्मी कोरोना संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं. इनमें से 224 जवान कोरोना को मात देने के बाद स्वस्थ होकर फिर ड्यूटी पर लौट आए हैं. इतना ही नहीं जिले के तीन पुलिसकर्मी अब तक इस महामारी में अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि 89 जवान अभी भी इस बीमारी से लड़ रहे हैं.
विभाग की ओर से बचाव के ये प्रयास
पुलिस अधीक्षक देवेंद्र कुमार विश्नोई ने बताया कि जवानों को कोरोना से बचाने के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं. ड्यूटी पर तैनात प्रत्येक पुलिसकर्मी को डबल मास्क लगाने और हैंड सैनिटाइजर का नियमित रूप से इस्तेमाल करने के लिए भी निर्देशित किया गया है. सभी जवानों को विभाग की ओर से समय-समय पर मास्क और सैनिटाइजर उपलब्ध भी कराए जाते हैं. पुलिस अधीक्षक ने बताया कि हाल ही में विभाग की ओर से पुलिस कर्मियों को मास्क और सैनिटाइजर देने के ऑर्डर दिए हैं. प्रत्येक जवान को 10 मास्क और सेनिटाइजर बोतल उपलब्ध कराई जाएगी.
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पुलिसकर्मियों के लिए अलग से सेंटर
पुलिस अधीक्षक देवेंद्र कुमार विश्नोई ने बताया कि जिले के जवानों के संक्रमित होने पर उनके अलग से उपचार व आइसोलेशन की व्यवस्था भी की गई है. इसके तहत पुलिस लाइन के ट्रांजिट हॉस्टल में 10 बेड का कोविड सेंटर बनाया गया है. यहां उपचार की पूरी सुविधाएं उपलब्ध हैं.
लोगों की सुरक्षा के लिए दिन रात ड्यूटी कर रहे फ्रंटलाइन पुलिस कर्मियों को कोरोना से भी जंग लड़नी पड़ रही है. कोरोना संक्रमितों भरतपुर जिले में अब तक 18,219 लोग कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं, जिनमें से 12,152 लोग स्वस्थ हो चुके हैं. वहीं जिले में फिलहाल 5,862 एक्टिव केस हैं जबकि 205 लोगों की मौत भी हो चुकी है.