अलवर. इस बार अलवर के प्याज का पूरे देश को इंतजार है. राजस्थान के कुछ जिलों को छोड़कर अन्य सभी राज्यों में लगातार हो रही बारिश से बाढ़ के हालात के चलते वहां प्याज खराब हो चुका है. इसलिए देशभर को अलवर के प्याज का इंतजार है. वहीं बारिश में प्याज खराब होने के कारण इन दिनों प्याज के दाम आसमान छू रहे हैं. हालांकि, इससे अलवर के किसानों को फायदा पहुंचने की उम्मीद है.
प्याज के भाव 20 अक्टूबर के बाद कम होने की उम्मीद देश में सबसे अधिक प्याज की पैदावार महाराष्ट्र, गुजरात, मध्यप्रदेश व राजस्थान में होती है. महाराष्ट्र और अलवर के प्याज की खासी डिमांड रहती है. इस बार कई राज्यों में बाढ़ के हालात हैं. इसलिए सभी जगह पर प्याज खराब हो चुका हैं. प्याज खराब होने के कारण प्याज के दाम आसमान छू रहे हैं तो वहीं अब देशभर के व्यापारियों को अलवर के प्याज का इंतजार है.
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व्यापारियों की मानें तो इस बार पूरा देश अलवर के प्याज के भरोसे है. इसलिए अलवर के किसानों के चेहरे खिले हुए हैं. हालांकि, प्याज बुवाई के समय इस बार अन्य सालों की तुलना में ज्यादा खर्च आया था. प्याज का बीज महंगा था तो वहीं हर साल प्याज में किसानों को खासा घाटा पहुंचता था, लेकिन इस बार किसानों को अच्छे दाम मिलने की उम्मीद है.
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इस समय की बात करें तो अभी थोक मंडी में प्याज के भाव 40 से 50 रुपए प्रति किलो के हिसाब से चल रहे है. वहीं रिटेल में मंडी में 50 से 80-90 रुपए प्रति किलो के हिसाब से प्याज बिक रहा है. वहीं आमजन का कहना है कि पहले ₹10 किलो प्याज था और अब 50 से ₹60 किलो प्याज बिक रहा है. जब प्याज के दाम कम थे तो एक साथ 5 किलो प्याज वे अपने घर ले जाते थे. लेकिन जब से प्याज के भाव बढ़े है, तब से वे 5 किलो की जगह पर 1 किलो ही खरीद रहे हैं. क्योंकि, बगैर प्याज के सब्जी में अच्छा तड़का नहीं लगता है. इसलिए कम प्याज खा कर ही काम चला रहे हैं.