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अब आप राजस्थान में कर सकेंगे दुनिया के सात अजूबों के दीदार

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Published : Apr 2, 2022, 12:43 PM IST

अगर आप दुनिया के सात अजूबों को देखना चाहते हैं और इसके लिए ज्यादा पैसे भी खर्च नहीं करना चाहते, तो अब ये मुमकिन है. इसके लिए अब आपको देश से बाहर जाने, वीजा और पासपोर्ट की जरूरत भी नहीं होगी. आप राजस्थान में ही अब इन अजूबों का दीदार (seven wonders of the world in Rajasthan) कर सकते हैं. पढ़िए पूरी खबर...

smart city constructing 7 wonders in ajmer
अब आप राजस्थान में कर सकेंगे दुनिया के सात अजूबों के दीदार

अजमेर. दुनिया में 7 वंडर्स हमेशा से पर्यटकों का ध्यान आकर्षित करते आए हैं. लेकिन ये भी सच है कि इन 7 अजूबों (7 wonders in ajmer) को देख पाना हर किसी के लिए संभव नहीं है. मगर अब ऐसा मुमकिन होने जा रहा है. भले ही पर्यटक असली सात अजूबों को एक साथ नहीं देख सकें, लेकिन अजमेर में प्रतीकात्मक रूप से बनाए गए 7 अजूबों की खूबसूरती और उनकी बनावट को एक साथ देख सकेंगे. शहर में आनासागर झील की सुंदरता के साथ पर्यटकों को जल्द ही 7 अजूबे देखने को मिलेंगे बल्कि हर अजूबे के साथ लोग सेल्फी भी ले पाएंगे.

धार्मिक पर्यटन नगरी अजमेर में देश और दुनिया से हर रोज हजारों लोग घूमने आते हैं. बावजूद इसके पर्यटकों का ठहराव अजमेर में कम ही रहता है. पर्यटक प्रमुख धार्मिक स्थल पुष्कर में ब्रह्मा मंदिर के दर्शन और अजमेर में सूफी संत ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह की जियारत के बाद लौट जाते हैं. अजमेर को पर्यटन उद्योग का लाभ तब मिलेगा जब पर्यटकों का ठहराव वहां होगा. ऐसे में स्मार्ट सिटी योजना के तहत आनासागर झील के चारों ओर पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नए पर्यटन स्थल बनाए हैं.

अजमेर में दुनिया के 7 वंडर्स

इन पर्यटन स्थलों में पर्यटक पैदल की तफरी कर पाएंगे. जिस कारण नए पर्यटन स्थलों और पुराने पर्यटन स्थलों को देखने मे करीब 3 से 4 दिन का समय लगेगा. इस कारण पर्यटकों का अजमेर में ठहराव भी होगा. इन नए स्थानों पर 7 अजूबों को पर्यटन की दृष्टि से काफी पसंद किया जा रहा है. हालांकि इस महीने तक कार्य पूरा होने की उम्मीद की जा रही है. सब कुछ ठीक रहा तो अप्रैल के अंत तक 7 अजूबें आमजन के लिए खोल दिए जाएंगे. फिलाल उनके निर्माण कार्य को अंतिम रूप दिया जा रहा है.

पर्यटकों को करेगा आकर्षित:अजमेर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सात अजूबों का निर्माण 10.5 करोड़ की लागत से एक हेक्टेयर भूखंड पर किया जा रहा है. आना सागर के किनारे पेरिस का एफिल टावर, मिस्र का पिरामिड, पीसा की झुकी हुई मीनार, रोम का कोलोजियम, अमेरिका की स्टेचू ऑफ़ लिबर्टी और क्राइस्ट द रिडीमर के साथ ही दुनिया का सातवां अजूबा आगरा का ताजमहल लगभग बनकर तैयार हो चुका है. स्मार्ट सिटी योजना के अधिकारी अरविंद अजमेरा ने बताया कि प्रतीकात्मक रूप से बने सात अजूबे पर्यटकों को कर रोमांचित करेंगे.

अजमेर में दुनिया के 7 अजूबों में शामिल आगरा का ताज महल

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उन्होंने बताया कि प्रत्येक अजूबों को उसी तरह से बनाया गया है जैसे वह असल में बने हुए हैं. मसलन आगरा के ताजमहल के पीछे यमुना का जल बहता हुआ नजर आता है. वहीं अजमेर में बने ताजमहल के पीछे आना सागर झील की उठती हुई लहरें पर्यटकों को आकर्षित करेगी. उन्होंने कहा कि मुख्य द्वार और चारदीवारी बनकर तैयार है. इसके अलावा पर्यटकों के लिए एक कैफेटेरिया का भी निर्माण करवाया गया है. जहां पर पर्यटक खाने-पीने के साथ झील की खूबसूरती और सात अजूबों को निहार सकते हैं.

क्राइस्ट द रिडीमर का प्रतीकात्मक रूप

झील के चारों ओर बने पर्यटन स्थल:स्मार्ट सिटी योजना में अधिकारी अरविंद अजमेरा ने बताया कि पुष्कर रोड स्थित लैकफ्रंट, बर्ड पार्क, सागर विहार बर्ड पार्क, अरबन हाट फूड कोर्ट के अलावा झील के चारों ओर बने आनासागर पाथवे का कार्य पूर्ण हो चुका है. उन्होंने कहा कि अजमेर आने वाले पर्यटकों को सात अजूबों के साथ तस्वीर और सेल्फी खींचने का भी अवसर मिलेगा. पूरे प्रांगण में लोन और हरियाली के लिए पौधे भी लगाए जाएंगे. सात अजूबों के साथ ये नए पर्यटन स्थल पर्यटकों को लुभा रहे हैं.

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