उज्जैन।12 ज्योतिर्लिंग में से एक महाकालेश्वर मंदिर में सावन के आखिरी सोमवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान महाकाल के दरबार में पहुंचे और भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया. इसके बाद बाबा महाकाल की सवारी में सम्मिलित हुए. जैसे ही पालकी नगर भ्रमण पर निकली तो बड़ी संख्या में श्रद्धालु पालकी के दर्शन कर खुश नजर आए. आठवीं सवारी में रुद्रेश्वर स्वरुप में महाकाल प्रजा का हाल जानने नगर भ्रमण पर निकले. उज्जैन बाबा महाकाल के दर्शन को हजारों लाखों श्रद्धालुओं ने पूरे श्रावण माह में बड़ी संख्या में दर्शन किए.
आठ सवारी इस प्रकार:अंतिम सावन के सोमवार पर भगवान महाकालेश्वर की सवारी में रजत पालकी में चन्द्रमौलेश्वर, हाथी पर मनमहेश, गरूड़ रथ पर शिवतांडव, नन्दी रथ पर उमा-महेश, डोल रथ पर होल्कर स्टेट के मुखारविंद, बैलगाड़ी में घटाटोप स्वरुप जटाशंकर रूप और अष्टम सवारी में रुद्रेश्वर स्वरुप में बाबा अपनी प्रजा का हाल जानने नगर भ्रमण पर निकलें. रजत पालकी में विराजित भगवान चन्द्रमोलेश्वर जैसे ही मुख्य द्वार पर पहुंचे. सशस्त्र पुलिस बल के जवानों द्वारा चन्द्रमोलेश्वर भगवान को सलामी (गार्ड ऑफ ऑनर) दी गई. सवारी मार्ग में जगह-जगह पर खड़े श्रद्धालुओं ने जय श्री महाकाल के घोष के साथ उज्जैन नगरी के राजा भगवान महाकालेश्वर पर पुष्प वर्षा की. महाकालेश्वर भगवान की सवारी महाकाल मंदिर से गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाडी होते हुए रामघाट पहुंची. रामघाट पर चन्द्रमोलेश्वर व मनमहेश का मां क्षिप्रा के जल से अभिषेक पूजन किया गया.