उज्जैन। साल के अंतिम दिन रविवार को चामुंडा माता मंदिर में गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया. चामुंडा मंदिर समिति की ओर से उन लोगों के लिए भोजन रखा गया जो निर्धन और वंचित वर्ग के हैं. मंदिरों में भोजन प्रसादी तो सभी को मिलती है लेकिन इस बार गरीब लोगों के लिए बफेट का आयोजन किया गया. इसके साथ ही मंदिर में एक साथ चारों धाम, 12 ज्योतिर्लिंग और 51 शक्तिपीठों के दर्शन का भी वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया है. यहां एक साथ दो वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए गए.
एक साथ बने दो वर्ल्ड रिकॉर्ड: शहर में स्थित चामुंडा माता मंदिर में 31 दिसंबर को एक साथ दो गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बने. दरअसल पहले वर्ल्ड रिकॉर्ड में निर्धन और वंचित वर्ग के लोगों के लिए शाही भोज का आयोजन किया गया. जिसमें उन लोगों के लिए बड़ी-बड़ी शादियों में होने वाले बफेट की तरह व्यवस्था की गई था. सभी ने शाही अंदाज में खाना खाया. और दूसरा वर्ल्ड रिकॉर्ड चामुंडा माता मंदिर में चारों धाम, 12 ज्योतिर्लिंग और 51 शक्तिपीठों के दर्शन का बना. इसके पहले चामुंडा माता मंदिर में अगस्त 2022 में सबसे ज्यादा हरियाली खिचड़ी बनाने के लिए वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज हो चुका है.