टीकमगढ़। ओरछा तहसील क्षेत्र में स्थित शासकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय करीब 20 साल पुराना है. इस विद्यालय में करीब 250 बच्चे पढ़ते हैं. कहने के लिए ये बड़ा स्कूल है, लेकिन सुविधाओं के नाम पर यहां कुछ भी नहीं है.
शासकीय कन्या शाला में फेल स्वच्छता मिशन, शौचालय तो है पर उपयोगी नहीं - शासकीय कन्या माध्यमिक स्कूल
भले ही सरकारी स्कूलों में सुविधाएं होने का दावा किया जाता है, पर ये हकीकत से बिल्कुल उलट है. राम राजा की नगरी ओरछा में आज भी कन्या विद्यालय में पढ़ने वाली छात्राओं को प्यास बुझाने के लिए लंबा सफर तय करना पड़ता है.

सरकारी स्कूलों ओरछा
शासकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय ओरछा
स्कूल के अध्यापक सुनील लहरिया के अनुसार, आज भी यहां लड़कियों को प्यास बुझाने के लिए आधा किलोमीटर दूर जाना पड़ता है. इसके अलावा टॉयलेट तो बनवाए गए हैं, पर न तो पानी की टंकी रखी गई है और न ही नल का कनेक्शन किया गया, जबकि बाथरूम में पानी भरने से बच्चियों को संक्रमण का खतरा बना रहता है.
जिला शिक्षा अधिकारी उदित नारायण मिश्रा भी इस स्कूल की बदहाली पर चुप्पी साध लेते हैं या फिर मीटिंग का हवाला देकर कुछ भी बोलने से बचते नजर आते हैं.