सीधी। जिले की ग्राम पंचायतों में लगातार भ्रष्टाचार के मामले सामने आ रहे हैं. जहां सरपंच-सचिव की मनमानी के चलते ग्रामीण परेशान है. जिले के चौफाल कोठार गांव के मजदूरों का मनरेगा में किए काम का भुगतान दो साल से नहीं किया गया है. ग्रामीणों के पैसे मांगने पर उनके घर में घुस कर मारपीट और धमकाया जा रहा है. जिसकी शिकायत ग्रामीणों ने शुक्रवार को कलेक्टर से की, जिस पर कलेक्टर ने जांच कराने की बात कही है.
सरपंच-सचिव की मनमानी से ग्रामीण परेशान, कलेक्टर से लगाई मदद की गुहार - सीधी न्यूज
सीधी जिले के चौफाल कोठार गांव में सरपंच-सचिव की मनमानी से गांव के लोग परेशान है. ग्रामीणों ने मामले की शिकायत कलेक्टर से करते हुए मदद करने की मांग की है.
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चौफाल कोठार गांव में सचिव सूर्यभान सिंग गौंड द्वारा मनमानी कर ग्रामीणों के हक पर डाका डाला जा रहा है, मजूदरों का आरोप है कि सचिव और सरपंच मिलकर फर्जी दस्तखत कर पैसे निकाल रहे हैं. मजदूरों ने बताया कि मनरेगा में सड़क निर्माण में सैकड़ों मजदूरों ने महीनों तक काम किया लेकिन दो साल बाद भी मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया. इसी तरह सरपंच सचिव ने कोरोना वायरस के बचाव में ग्रामीणों को न मास्क बांटे और न सेनिटाइजर दिया गया. वहीं जब ग्रामीण आवाज उठाते है तो उनके साथ मारपीट और दादागिरी दिखा कर परेशान किया जाता है. ग्रामीणों ने जनपद सीईओ को भी गांव में हो रहे भ्रष्टाचार को लेकर कई बार लिखित में शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई. जहां ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर से मदद की गुहार लगाई है. जिसको लेकर परियोजना अधिकारी ने बताया कि कलेक्टर के आदेश के बाद जांच के आदेश दिए गए है.