श्योपुर।अमन खान और उसका भाई आर्यन मेडिकल नशे के आदी हैं. ये रोजाना मेडिकल नशे के लिए परिजनों से रुपयों की मांग करते हैं. नहीं देने पर जमकर हंगामा करते हैं और अपने मां-बाप के साथ मारपीट तक कर देते हैं. मंगलवार को अमन ने रुपये के लिए घर पर हंगामा किया. रुपये नहीं मिले तो उसने अपनी मां के साथ मारपीट कर दी. इसके बाद भी मां ने नशे के लिए रुपये नहीं दिए तो अमन ने आत्महत्या करने की कोशिश की. जिससे मजबूर होकर मां को बेटे की नशे की लत पूरी करने के लिए पैसे देने पड़े.
कई घरों की यही कहानी :यह अकेले अमन और उसके भाई या एक परिवार की कहानी नहीं है, बल्कि विजयपुर के कई घरों में यही हाल है. जहां अमन के घर की तरह ही हर रोज हंगामा होता है. पैसे ने मिलने पर युवा अपने परिजनों को प्रताड़ित करने को भी तैयार हो जाते हैं, दूसरी तरफ मेडिकल की आड़ में नशीली दवाएं और ड्रग्स के कारोबारियों को न किसी की जान की परवाह है और न ही जिम्मेदारों को बढ़ते मेडिकल नशे से कोई फर्क पड़ रहा है. विजयपुर के वार्ड 2 में रहने वाले अमन और आर्यन बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखते हैं. इनके पिता नसीर खान पंचर की दुकान लगाकर दिन भर में 200-300 रुपये मुश्किल से कमाते हैं. एक भाई अयान कपड़े की दुकान पर 3 हजार रुपए महीने में नौकरी करता है. दोनों की कमाई से इस महंगाई में गुजारा भी मुश्किल से हो पाता है. ऐसे में नशे की लत पूरी करने के लिए आए दिन घर में ऐसे हालात बनते हैं