शहडोल।कोरोना काल और लॉकडाउन के इस दौर में मजदूरों की स्थिति से हर कोई वाकिफ है. दूसरे जगहों पर काम कर रहे मजदूर अपने घर वापसी को लेकर किस तरह की परेशानियों का सामना कर रहे हैं, ये किसी से छिपा नहीं है. देश में लॉकडाउन 3.0 भी खत्म होने को है, लेकिन अभी भी मजदूरों के अपने घर वापसी का दौर जारी है. कोई पैदल, कोई साइकल तो कोई किसी और साधन के जरिए पलायन करने को मजबूर है. ऐसे में अब शहडोल से होकर गुजरने वाले मजदूरों की मदद करने के लिए जिला प्रशासन ने अभिनव पहल की है.
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मजदूरों की मदद के लिए अभिनव पहल
शहडोल जिला मुख्यालय से होकर रोजाना हजारों की संख्या में मजदूर अपने घर वापसी के लिए निकल रहे हैं और हर मजदूर की अपनी समस्या है. कोई पैदल ही चल रहा है तो कोई साइकल से जा रहा. वहीं कोई किसी और जरिए से जा रहा है. इस दौरान कोई भूखा जा रहा है, अब इन मजदूरों की सहायता करने के लिए शहडोल जिला प्रशासन ने अभिनव पहल की है, जिसके तहत शहडोल जिला मुख्यालय के नए बस स्टैंड को ऐसे प्रवासी मजदूरों के लिए कैंप की तरह बना दिया गया है, जहां उनके आराम करने, खाने और फिर स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था की गई है. इसके अलावा वहां से उन्हें प्रशासन वाहन भी मुहैया कराके उनके गृह नगर के लिये रवाना करता है.
अब पैदल नहीं चलना पड़ेगा, मिलेगी सबको मदद
मौके पर मौजूद तहसीलदार बी के मिश्रा बताते हैं कि ये तमाम बाहर से जो मजदूर आ रहे हैं, इनके लिए कलेक्टर साहब के निर्देशन में नए बस स्टैंड पर एक कैंप तैयार किया गया है. यहीं पर हम लोग इनके खाने-पीने की व्यवस्था और इनके परिवहन की व्यवस्था करते हैं. इस काम के लिए 24 घंटे हमारे 8 से 10 कर्मचारी यहां पर मौजूद रहते हैं और उनकी लिस्टिंग करते हैं, उनकी स्कैनिंग करवाते हैं, उनके खाने-पीने की व्यवस्था करवाते हैं. अगर मजदूर छत्तीसगढ़ वाले हैं तो उन्हें बॉर्डर तक छोड़ते हैं और जो इलाहाबाद-रीवा तरफ के हैं उनको भी बॉर्डर तक छोड़ने का काम हम लोग करते हैं.