राजगढ़। राजगढ़ लोकसभा क्षेत्र के जनप्रतिनिधि अपने नाम के आगे अपने गांव का नाम लिखते हैं. सुस्तानी गांव, आमलाबे गांव के नेता अपना वजूद अपने गांव के साथ जोड़े रखना चाहते हैं, यही वजह है कि यहां के नेता अपने नाम के साथ गांव का भी नाम लिखते हैं.
राजगढ़ लोकसभा क्षेत्र के ऐसे गांव, जहां नेता अपने नाम के आगे लिखते हैं अपने गांव का नाम
राजगढ़ लोकसभा क्षेत्र में नेता अपने सरनेम में गांव का भी नाम लिखते हैं. नेता अपना वजूद अपने गांव के साथ जोड़कर रखना चाहते हैं, इसलिए वे ऐसा करते हैं.
मौजूदा कांग्रेस प्रत्याशी मोना सुस्तानी वैसे तो धाकड़ समाज से ताल्लुक रखती हैं, लेकिन वे अपने सरनेम में अपने पति के गांव को अपने नाम के साथ जोड़कर रखती हैं. वहीं राजगढ़ लोकसभा क्षेत्र से पूर्व सांसद रहे नारायण सिंह आमलाबे भी अपने सरनेम के साथ गांव का भी नाम लिखते हैं. वैसे तो नारायण सिंह सोंधिया समाज से ताल्लुक रखते हैं, लेकिन वे अपने समाज का जिक्र ना करते हुए अपने गांव का जिक्र अपने सरनेम में करते हैं. नारायण सिंह राजगढ़ जिले की जीरापुर क्षेत्र के गांव आमलाबे के रहने वाले हैं, इसलिये वो अपना पूरा नाम नारायण सिंह आमलाबे लिखते हैं.
ऐसे ही राजगढ़ लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शिव सिंह बमलाबे हैं, जो बमलाबे गांव के रहने वाले हैं. वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाबचंद सुस्तानी हैं, जो सुस्तानी गांव के रहने वाले हैं और कांग्रेस प्रत्याशी मोना सुस्तानी के ससुर हैं. ये सभी अपने नाम के साथ गांव का भी नाम लिखते हैं.