मुरैना। जहरीली शराब के चलते मुरैना में मौतों का सिलसिला जारी है. अब तक 22 लोग काल के गाल में समा गए हैं. घटना को करीब 48 घंटे हो चुके हैं. लेकिन पुलिस अभी तक जहरीली शराब के सैंपल भी नहीं जुटा पाई है. जिससे इस बात का पता नहीं लग पाया कि शराब में अल्कोहल की मात्रा अधिक थी या खतरनाक रासायनिक केमिकल का इस्तेमाल किया गया. जो मौत की वजह बना.
जहरीली शराब कांड में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए संदेहियों पर एफआईआर भी दर्ज की है. 12 से ज्यादा लोगों को राउंडअप किया है. लगातार उनसे पूछताछ कर रही है. दो नामजद आरोपियों के नाम भी सामने आए हैं. जिनमें एक नाम एक पप्पू पंडित व दूसरा गिर्राज राजपूत है. पप्पू पंडित खुद भी इस जहरीली शराब का शिकार हुआ है. वो अस्पताल में भर्ती है.
पुलिस को शराब के क्वार्टर नहीं मिले
एसपी अनुराग सुजानिया ने कहा कि हमने पहले भी इस क्षेत्र में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई की है. उन्होंने स्वीकारा की इसमें और मेहनत की जरूरत थी, ताकि इस तरह के सिंडीकेट को खत्म किया जा सके. उन्होंने सैंपलिंग के सवाल पर कहा कि चूंकि अभी परिजन अस्पताल में थे, तो शराब के क्वार्टर नहीं मिल पाए हैं. जिससे सैंपलिंग की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है. लेकिन जल्द ही इसे पूरा कर लिया जाएगा.
अवैध शराब जब्त
एसपी अनुराग सुजानिया ने बताया कि ये लाइसेंसी शराब नहीं थी. पुलिस लगातार क्षेत्र में दबिश दे रही है. इस दौरान अवैध शराब भी बरामद की है. पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है.
पुलिस के सामने सवाल जिनके जवाब नहीं
- पुलिस अभी तक यह नहीं बता पा रही है कि जहरीली शराब बनाने का कारोबार कौन कर रहा था...?
- आरोपियों का नेटवर्क कितना बड़ा है..?
- कितने गांव और क्षेत्र में इस जहरीली शराब की सप्लाई हो रही है..?
- किसके संरक्षण में ये अवैध कारोबार चल रहा था..?
देसी शराब बनाने में कहां होती है गलती ?
मिथाइल एल्कोहल
- शराब को अधिक नशीली बनाने के लिए इसमें ऑक्सिटोसिन मिला दिया जाता है, जो मौत का कारण बनती है.
- ऑक्सिटोसिन को लेकर ये जानकारी सामने आई है कि ऑक्सिटोसिन से नपुंसकता और नर्वस सिस्टम से जुड़ी कई तरह की भयंकर बीमारियां हो सकती हैं.
- इसके सेवन से आंखों में जलन, खारिश और पेट में जलन हो सकती है. लंबे समय में इससे आंखों की रोशनी भी जा सकती है.
- कच्ची शराब में यूरिया और ऑक्सिटोसिन जैसे केमिकल पदार्थ मिलाने की वजह से मिथाइल एल्कोहल बन जाता है, जो लोगों की मौत का कारण बन जाता है.
- मिथाइल शरीर में जाते ही केमिकल रिएक्शन तेज होता है. इससे शरीर के अंदरूनी अंग काम करना बंद कर देते हैं और तुरंत मौत हो जाती है.