मंडला। प्रधानमंत्री के स्वच्छता भारत मिशन के तहत खुले में शौच नहीं करने के मिशन पर मंडला जिला पानी फेरता नजर आ रहा है. ओडीएफ और शौचालयों की जमीनी हकीकत कुछ और ही है. आधे अधूरे शौचालय बना दिए गए हैं और कई जगह तो सिर्फ गड्ढे ही खोद कर छोड़ दिया गया हैं.
सांसद द्वारा गोद लिए गए "कापा गांव" में आज भी शौचालय अधूरे पड़े हैं. बहुत से शौचालयों में पानी की टंकी नहीं लगाई गई हैं, तो कुछ शौचालयों में दरवाजे नहीं है. कई ब्लॉकों में कागजों पर पंचायतों को ओडीएफ घोषित कर दिया गया है.
कागजों में ओडीएफ, शौचालयों में नहीं है पानी और दरवाजे - स्वच्छ भारत मिशन
एक तरफ प्रशासन ने गांवों को कागजों में ओडीएफ घोषित कर दिया है, तो वहीं दूसरी तरफ आधे- अधूरे शौचालय सरकारी दावों को मुंह चिढ़ा रहे हैं.
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कागजों में ओडीएफ
इस बारे में जनपद पंचायत बीजाडांडी के मुख्यकार्य पालन अधिकारी शैलेंद्र शर्मा का कहना है कि पूर्व में हमें 18365 शौचालय बनाने का टारगेट मिला जिसकों हमने पूर्ण कर लिया हैं और हमारा विकाशखण्ड क्षेत्र पूर्ण तरह खुले में शौच से मुक्त हो चुका हैं. उन्होंने कहा कि जो शौचालय नहीं बनाए गए हैं, उन्हें जल्द बनाया जाएगा.