खंडवा। मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना के तहत जिले के गोलारी गांव के एक ही परिवार के दो बच्चे कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी की जाएगी. ऑपरेशन सफल होने पर दोनों अपने परिजनों की बातें सुन सकेंगे. इस योजना में जन्म से ही मूक बधिर बच्चों का इलाज किया जाता है. शासन की ओर से एक बच्चे के लिए 6 लाख की यह सर्जरी बिल्कुल निशुल्क होती है.
मूक बधिर बच्चों की जिंदगी बदल देगी कॉक्लियर इंप्लांट सर्जरी, सुन और बोल सकेंगे कार्तिक और गणेश - मूक-बधिर
खंडवा में मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना के तहत दो मूक- बधिर बच्चों का इलाज सरकार द्वारा नि:शुल्क कराया गया. दोनों बच्चे कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी के बाद अब अपनों की बातें सुन सकेंगे.
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ग्राम गोलारी निवासी सोनू गायकवाड़ के दो बेटे हैं, गणेश और कार्तिक जन्म से ही मूक- बधिर हैं. जिसके बाद बच्चों को इलाज के लिए जिला अस्पताल ले गए, जहां आरबीएसके की टीम की मदद से परिवार को इलाज की प्रक्रिया समझाई और आगे की प्रक्रिया शुरू की गई. इलाज में लगने वाला 13 लाख रुपय का खर्चा मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना के अंतर्गत उठाया जाएगा, यानी इलाज का खर्च सरकार देगी. भोपाल के दिव्य ईएनटी अस्पताल में दोनों बच्चों की कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी करवाई गई. जिला चिकित्सालय में ईएनटी स्पेशलिस्ट डॉक्टर अनिरुद्ध कौशल का कहना है कि कॉक्लियर इम्प्लांट की सफल सर्जरी के बाद बच्चे ठीक हैं. बच्चों को लगभग एक वर्ष तक स्पीच थैरेपी लेनी होगी.