जबलपुर। अक्षय तृतीया के मौके पर एक परिवार अपनी बेटी की कच्ची उम्र में शादी करवाने जा रहा था, लेकिन इसी बीच महिला बाल विकास विभाग को इस शादी की भनक लग गई और मौके पर पहुंची पुलिस और अधिकारियों ने परिजनों को समझाइश देते हुए समय पर नाबालिक बच्ची की शादी रुकवाई.
अक्षय तृतिया के मौके पर हो रहे बाल विवाह को ऐन मौके पर पहुंच कर महिला बाल विकास विभाग टीम ने रुकवाया - Women child development department
सिंधी कैंप के पास एक नाबालिक बच्ची का विवाह किया जा रहा था जिसे मौके पर पहुंचकर महिला बाल विकास विभाग की टीम ने रुकवाया. साथ ही बच्ची के उम्र संबंधित दस्तावेज नहीं देने पर पंचनामा कार्रवाई की गई.
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महिला बाल विकास विभाग को सूचना मिली कि शहर के सिंधी कैंप के पास एक नाबालिक बच्ची का विवाह किया जा रहा है, जिस पर हनुमानताल थाना पुलिस के साथ महिला बाल विकास विभाग की टीम मौके पर पहुंची और नाबालिक बच्ची का विवाह रुकवाया. हालांकि परिजनों ने विवाह के लिए पुलिस के सामने तमाम हथकंडे अपनाए पर उनकी एक ना चली. महिला बाल विकास की परियोजना अधिकारी श्रद्धा चौकसे ने बताया कि नाबालिग बच्ची मूलतः दमोह की रहने वाली है और जबलपुर में उसका ननिहाल है, जहां से विवाह किया जा रहा था.
उन्होंने बताया कि परिजनों से बच्ची के उम्र संबंधित दस्तावेज भी मांगे गए पर वे नहीं दे पाए. लिहाजा मौके पर ही पंचनामा कार्रवाई करते हुए विवाह को तुरंत रोकने के निर्देश दिए, जिस पर दोनों ही परिवार के लोगों ने बाद में अपनी सहमति भी जताई. नाबालिग बच्ची से विवाह के लिए जो बारात आई थी, वह बरेला की देवरी गांव से थी.