ग्वालियर। शहर में फलों का बादशाह कहलाने वाला अमरुद इन दिनों अपनी विशेष प्रजाति के कारण चर्चा में हैं. इस अमरूद को 'थाई ग्वावा' के नाम से भी जाना जाता है. इसकी खासियत यह है कि, यह कम कोलेस्ट्रोल और कम मीठा होता है, जिसकी वजह से मधुमेह के रोगियों के लिए ये काफी फायदेमंद है. इसमें बीज न के बराबर होता है, लेकिन यह आकार में अमरूद के मुकाबले 3 से 4 गुना तक बड़ा होता है.
गुजरात के 'थाई ग्वावा' ने अन्य प्रजातियों को छोड़ा पीछे, मधुमेह रोगियों के लिए मुफीद है ये अमरूद - थाई ग्वावा
गुजरात से आए 'थाई ग्वावा' ने अन्य प्रजाति के अमरूदों को पीछे छोड़ दिया है, जिसे लोगों द्वारा बेहद पसंद किया जा रहा है.
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अहमदाबाद में होती है 'थाई ग्वावा' की पैदावार
बाजारों में पहली बारी यह अमरुद यानी 'थाई ग्वावा' आया है. बताया जाता है कि, इस अमरुद की पैदावार अहमदाबाद में होती है. इसकी कीमत बाजार में अन्य अमरूद के मुकाबले लगभग दोगुनी होती है. बता दें कि, शहर में इसकी कीमत लगभग 80 रुपए किलो है.
शहर में जो स्थानीय स्तर पर अमरूद पाया जाता है, उसे शहर में 27 नामों से जाना जाता है. इसके अलावा श्वेता और ललित नाम के अमरूदों की वैरायटी बड़ी मात्रा में उपलब्ध होती है, लेकिन गुजरात से आए इस विशेष प्रकार के अमरुद ने सभी की बिक्री को मुकाबले में पीछे छोड़ दिया है. फूलबाग चौराहे, जय विलास पैलेस सहित अन्य प्रमुख स्थानों पर इसकी बिक्री कहीं ज्यादा हो रही है, जहां लोग इसके आकार से बेहद प्रभावित हो रहे हैं.