दतिया। जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन को रोकने के लिए रेत माफियों द्वारा सिंध नदी के बहाव को रोक कर बनाये गये अस्थाई सड़क और पुल को जिला खनिज विभाग ने कार्रवाई करते हुए ध्वस्त किया था. जिसका विरोध करते हुए सड़क का उपयोग करने वाले ग्रामीण ध्वस्त पुल पर ही धरने पर बैठ गए और प्रशासन से सड़क और पुल निर्माण करने की फिर से मांग करने लगे.
खनिज विभाग ने तोड़ा अवैध पुल, विरोध में ग्रामीणों ने दिया टूटे पुल पर धरना - Mines Department
दतिया जिले में अवैध रेत उखनन और परिवहन को रोकने के लिए खनिज विभाग द्वारा तोड़े गए पुल के विरोध में नदी के पार रहने वाले ग्रामीणों ने धरना प्रदर्शन किया.
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बता दें, गुरुवार के दिन खनिज विभाग ने घोराघाट पुलिस के सहयोग से सिंध नदी पर बने सड़क व पुल निर्माण को तोड़ दिया गया था, इसके बाद शुक्रवार के दिन नदी से ग्रामीण टूटे हुए पुल पर बैठकर धरना देना शुरु कर दिया. इस पर जिला प्रशासन के निर्देश पर बड़ोनी तहसीलदार ने मौके पर ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन नाराज ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे और अस्थायी पुल और सड़क निर्माण की मांग करने लगे.
जिस पर तहसीलदार ने ग्रामीणों की मांग वरिष्ठ अधिकारियों के सामने रखी और अधिकारियों ने ग्रामीणों को अस्थायी रुप से सड़क और पुल निर्माण की अनुमति दे दी. धरना दे रहे ग्रामीणों का कहना है कि विभाग रेत परिवहन करने वालों पर कार्रवाई की जाए पर ग्रामीणों को परेशान न किया जाए.