छिंदवाड़ा। कोरोना वायरस की चैन को तोड़ने के लिए लागू लॉकडाउन में सब्जी किसानों पर दोहरी मार पड़ी है. एक तरफ लॉकडाउन होने के कारण ना तो किसान को खेत पर काम करने वाले मजदूर मिल पा रहे हैं और ना ही किसानों की सब्जी का उचित दाम मिल पा रहा है. वहीं दूसरी तरफ भीषण गर्मी पड़ने की वजह पानी की कमी होने लगी है, जिससे किसानों की परेशानियां और भी बढ़ गई हैं. हालात ये है कि किसान सब्जी मंडियों में ले जाने के बजाय खेतों में ही छोड़ रहे हैं.
किसान माणिकराव चौधरी का कहना है कि आम दिनों के मुकाबले गर्मी के दिनों में खेत में लगी सब्जियों की ज्यादा देखभाल करना पड़ता है. गर्मी की फसलों में ज्यादा पानी लगाता है. वहीं इन दिनों में सब्जियों में कीड़े लगने का भी डर ज्यादा होता है. ऐस में किसान पानी बचाने के लिए ड्रिप एरिगेशन का सहारा लेते हैं. दरअसल सब्जियों की फसल में पानी अधिक मात्रा में लगता है. इसलिए किसान आधुनिक पद्धति ड्रिप इरिगेशन की सहायता लेते हैं. इसके चलते किसान पौधों की जड़ों में बूंद बूंद पानी पहुंचाते हैं, ताकि पानी भी बर्बाद ना हो और सब्जी की फसल को पर्याप्त मात्रा में पानी मिल सके, लेकिन इस सब के बावजूद किसानों लॉकडाउन होने के कारण काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है.