छतरपुर।जिले के आस-पास के गांवों में भारी आंधी तूफान, बारिश और ओलावृष्टि ने तबाही मचाई है. इस प्रकोप में हजारों की संख्या में पक्षी और सैकड़ों की संख्या में पेड़ और बिजली के खंबे धराशाई हो गए हैं.
एक तरफ कोरोना का कहर तो दूसरी ओर प्रकृति की मार, लोग बेबस और लाचार - बारिश और ओलावृष्टि ने तबाही मचाई
एक तरफ लोग कोरोना की मार झेल रहा है तो दूसरी ओर प्रकृति भी रूठी हुई है. तेज आंधी तूफन, बारिश और ओले गिरने से लोगों से नुकसान झेलना पड़ रहा है.
प्रकृति की आपदा से घबराए हुए लोग जब सुबह सड़कों पर निकले तो मानो नौगांव की सुंदरता को किसी की नजर लग गई थी. तेज हवाओं ने सैकड़ों की संख्या में पेड़ और बिजली के खंबे सड़कों पर गिरा दिए थे. जिससे पूरे गांव की बिजली व्यवस्था चौपट हो गई. साथ ही बिजली की चपेट में आने से सैकड़ों पक्षी मर गए.
प्रशासन की टीमों ने लगातार सुबह से ही नौगांव में राहत और बचाव के लिए कार्य शुरू कर दिया हैं. बिजली विभाग और नगर पालिका ने सड़कों पर पड़े पेड़ों को हटाने का काम किया. वहीं बिजली व्यवस्था को सुचारू रूप से चालू करने के लिए कोशिशें जारी हैं.