छतरपुर।राम मंदिर को लेकर कई सालों के बाद आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने कई साधु संतों का प्रण पूरा किया है. ऐसे ही एक साधु हैं, राजस्थान के रहने वाले बालकदास महाराज. जो राम मंदिर बनाने के लिए पिछले 30-40 सालों से साइकिल यात्रा कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने बिना चप्पल-जूते के आधा भारत भ्रमण कर लिया. वहीं मंदिरों और दक्षिणा से जुटाए हुए पैसों से ही अपना पेट भरा.अब कोर्ट के फैसले के बाद उनका प्रण पूरा हो गया है. जिसके चलते वे अयोध्या में अपनी यात्रा संपन्न करेंगे.
राम मंदिर के लिए 40 साल से कर रहे साइकिल यात्रा, कोर्ट के फैसले के बाद पूरा हुआ प्रण - Supreme Court verdict
एक साधु राम मंदिर बनवाने के लिए पिछले 40 साल से साइकिल यात्रा कर रहे हैं. अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले का बाद उनका प्रण पूरा हुआ है. जिसके चलते वे चित्रकूट और इलाहाबाद होते हुए अयोध्या में अपनी यात्रा समाप्त करेंगे.

बालकदास ने बताया कि उन्होंने 30-40 साल पहले प्रण लिया था कि जब तक राम मंदिर नहीं बनता है, तब तक वे घर नहीं जाएंगे. जिसके चलते उन्होने साइकिल यात्रा करने का फैसला लिया. जिसके बाद राजस्थान से शुरु हुई उनका यात्रा देश के तमाम मठ, मंदिरों से दर्शन करते हुए आज छतरपुर पहुंची है. जहां उन्होंने अपनी यात्रा के बारे में बताया.
उनका कहना है कि मंदिर बनने की खुशी के आगे अभी तक उठाया गया दर्द कुछ नहीं है. अब सुप्रीम कोर्ट के बाद उनका प्रण पूरा हुआ है. जिसके चलते वे अब चित्रकूट, इलाहाबाद होते हुए अयोध्या पहुंचेंगे. जहां कुंभ स्नान करने के बाद वे अपनी यात्रा समाप्त करेंगे.