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हार के साइड इफैक्ट! जिन निठल्लों के कारण हारे,उन्हें कांग्रेस से बाहर करेंगे - ETV Bharat

उपचुनाव हार की समीक्षा को लेकर हुई कांग्रेस की बैठक में कहा गया कि जिन निठल्लों के कारण हारे,उन्हें कांग्रेस से बाहर करेंगे. उपचुनाव में हार और जीत का कांग्रेस ने मंथन किया.पीसीसी चीफ कमलनाथ ने प्रभारियों की बैठक ली , जिसमें हार के 5-5 कारण गिनाए गए.

Congress meeting
कांग्रेस का मंथन

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Published : Nov 9, 2021, 8:04 PM IST

भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस संगठन में निष्क्रिय पदाधिकारियों को हटाया जाएगा. हार की समीक्षा को लेकर हुई कांग्रेस की बैठक में कहा गया कि जिन निठल्लों के कारण उपचुनाव में हारे,उन्हें कांग्रेस से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा. इसके साथ ही संगठन में मंडल और सेक्टर को और मजबूत किया जाएगा. पीसीसी चीफ कमलनाथ ने मंगलवार को जिला प्रभारियों की बैठक में उपचुनावों में हुई हार और जीत को लेकर मंथन किया.


पार्टी को री-ऑर्गेनाइज्ड करने पर जोर

कमलनाथ ने कहा संगठन को री-आर्गेनाइज्ड करके जो लोग काम नहीं कर रहे हैं,उनकी जगह दूसरे लोगों को लाया जाए. कमलनाथ ने कहा कि मध्यप्रदेश में हर वर्ग त्रस्त है. भाजपा की ध्यान मोड़ने और गुमराह करने की राजनीति का हम खुलासा करेंगे. प्रदेश कांग्रेस के कोषाध्यक्ष अशोक सिंह ने बताया कि पीसीसी चीफ कमलनाथ के निर्देशानुसार, मंडलम और सेक्टर लेवल पर संगठन में और चुस्ती लाई जाए और सभी लोग तेजी से काम करें, इस पर जोर दिया गया. अशोक सिंह ने बताया कि 15 नवंबर को बिरसा मुंडा जयंती पर जबलपुर में बड़ा सम्मेलन होगा. इस सम्मेलन में पीसीसी चीफ कमलनाथ शामिल होंगे.

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उपचुनाव में हार के ये हैं पांच कारण
खंडवा लोकसभा सीट
-सीट के प्रबल दावेदार अरुण यादव का ऐन वक्त पर चुनाव लड़ने से मना करना, 8 महीने पहले से कर रहे थे तैयारी.
-नए उम्मीदवार राजनारायण पुरनी को टिकट दिया गया,सबको साथ नहीं ला पाए,प्रचार के लिए बहुत कम समय मिला.
-अल्पसंख्यक वोटर की कम संख्या में वोटिंग.
- बूथ कमजोर होने के कारण हुई हार.
- गुटबाजी और सेबोटेज का रहा असर.

पृथ्वीपुर विधानसभा सीट
-यहां पर बूथ कैप्चरिंग को नहीं रोक पाई कांग्रेस.
-असली वोटर्स को वोट नहीं डालने दिया गया.
- 30 बूथों पर 90 प्रतिशत से ज्यादा वोटिंग.
-सरकारी मशीनरी का हुआ दुरुपयोग.
-कांग्रेस के प्रबंधन हुआ फेल.

जोबट विधानसभा सीट
-कांग्रेस नेताओं के वर्चस्व वाले क्षेत्रों में हारी कांग्रेस.
-अंतरकलह के चलते कांग्रेस नेताओं ने प्रत्याशी के पक्ष में काम नहीं किया.
-चुनाव से पहले संभावित उम्मीदवार सुलोचना रावत का बीजेपी में शामिल होना.
-कांग्रेस को प्रत्याशी चयन में समय लगा.
-स्थानीय नेताओं ने भी नहीं किया सहयोग.

उपचुनाव हार के बाद कांग्रेस को मजबूत करने पर चर्चा
खंडवा लोकसभा सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी रहे राजनारायण सिंह पुरनी ने बताया कि कांग्रेस कैसे मजबूत हो, इस पर बैठक में बात हुई है. पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव आने वाले हैं, इनको ध्यान में रखकर कांग्रेस को मजबूत करने पर भी विचार-विमर्श हुआ है. राजनारायण सिंह ने कहा कि खंडवा लोकसभा चुनाव में हार के कई कारण हैं. सरकार का नाजायज दबाव रहता है और सरकारी तंत्र के लोग तंग करते हैं. अरुण यादव के सहयोग न करने के सवाल पर राजनारायण सिंह ने कहा कि इस बिंदु पर कोई टिप्पणी नहीं करता हूं. बड़े लोग हैं और वे मेरे अधिकार क्षेत्र में नहीं है,इसलिए कुछ नहीं बोलता.

चुनाव प्रबंधन से मिली रैगांव में जीत
उपचुनाव में भाजपा से रैगांव सीट छीनकर कांग्रेस की जीत पर रैगांव की सहप्रभारी कविता पांडे ने कहा कि कमलनाथ के चुनाव प्रबंधन और कार्यकर्ताओं के डेडीकेशन के चलते ही जीत मिली है. कविता पांडे ने कहा कि भाजपा ने छल,छद्म और षड़यंत्र रचा. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने साम-दाम-दंड-भेद की नीति से जीतने की बात कही थी.

तथ्यों के आधार पर दूर की जाएगी कमी
प्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता का कहना है कि पृथ्वीपुर में बूथ कैप्चरिंग के वीडियो वायरल हुए हैं. प्रशासन और चुनाव आयोग ने कोई कार्रवाई नहीं की है और सरकारी तौर पर इसको प्रश्रय दिया गया है. गुप्ता ने कहा कि अब बड़े गुंडे राजनीति में कब्जा करेंगे और भाजपा इस तरह का चलन चलाना चाहती है. हमने रैगांव में 31 साल बाद भाजपा को धराशायी किया है. गुप्ता ने कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए राजनीतिक काउंटर किया जाएगा. तथ्यों के आधार पर कमी को ठीक करने के लिए कांग्रेस तैयार है.

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