भोपाल। कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने पहले ये निर्णय लिया था, कि जिला अस्पतालों में इलेक्टिव शल्य चिकित्सा यानी की सर्जरी नहीं की जाएगी. जिला अस्पतालों के साथ ही सिविल अस्पतालों में भी इन सर्जरियों के किए जाने पर रोक लगी थी, लेकिन अब जैसे-जैसे कोरोना संक्रमण का खतरा कम होते जा रहा है, वैसे-वैसे स्वास्थ्य विभाग भी अब तक बंद सभी व्यवस्थाओं को बहाल करने में जुटा हुआ है. इस कड़ी में अब स्वास्थ्य विभाग ने इलेक्टिव सर्जरी को लेकर आदेश जारी किए हैं.
सर्जरी के लिए निर्देश
जारी आदेश में कहा गया है कि जिस भी मरीज की सर्जरी की जानी है, पहले उसका कोरोना टेस्ट, आरटी पीसीआर पद्धति से किया जाए और रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही सर्जरी की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए. ऐसी सर्जरियां जो अगले 2 महीने तक रोकी जा सकती हैं और सर्जरी के रुकने से रोगी के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता हो, ऐसी सर्जरी को फिलहाल के लिए स्थगित ही रखा जाए. यदि किसी सर्जरी को 2 महीने से अधिक समय तक स्थगित करने पर रोगी के लिए हानिकारक हो, तो ऐसे मामले में प्रीऑपरेटिव इन्वेस्टिगेशन और फिजिकल फिटनेस पहले ली जाएं.
बंद सुविधाओं की बहाली में जुटा स्वास्थ्य महकमा
मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस के मामले कम होने लगे हैं. इसके साथ ही कोरोना से होने वाली मौतों की संख्या का ग्राफ भी कम होता जा रहा है. जिसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने ये निर्णय लिया है कि कोरोना वायरस से हटकर भी अन्य बीमारियों की ओर ध्यान दिया जाए. इससे पहले भी स्वास्थ्य विभाग ने मौसमी बीमारियों के लिए गाइडलाइन जारी की थी, और विभाग में बंद सुविधाओं को बहाल करने का आदेश दिया था, ताकि अन्य बीमारियों के रोगियों को जो परेशानी कोरोना काल में हुई उसे अब कम किया जा सके.