मध्य प्रदेश

madhya pradesh

ETV Bharat / state

उपचुनाव के लिए सपाक्स ने जारी किया संकल्प पत्र, 12 सीटों पर उतारे उम्मीदवार

28 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए भाजपा-कांग्रेस के बाद अब स्पाक्स पार्टी ने भी संकल्प पत्र जारी किया. सपाक्स ने कुल 12 सीटों पर उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतारे हैं. पढ़िए पूरी खबर..

sapaaks sankalp patr for mp by election
सपाक्स ने जारि किया संकल्प पत्र

By

Published : Oct 20, 2020, 8:36 PM IST

भोपाल। 28 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए भाजपा-कांग्रेस के बाद अब स्पाक्स पार्टी ने भी संकल्प पत्र जारी किया है. पार्टी की कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष वीणा घाणेकर ने बताया कि सपाक्स की ओर से मध्यप्रदेश विधानसभा उपचुनाव में 12 उम्मीदवार, जबकि बिहार राज्य के विधानसभा चुनाव में 6 उम्मीदवार पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि एट्रोसिटी एक्ट जैसे काले कानूनों को तत्काल समाप्त कर दिया जाए, जिससे 80 से 90 फीसदी बेगुनाह भारत के नागरिक प्रताड़ित होने से बच सकें.

सपाक्स ने जारि किया संकल्प पत्र

ये भी पढ़ें:CM बनने MP आए 'परदेसी बाबू', 3 नवंबर को गद्दारों का बोरिया-बिस्तर बांधेगी जनता: सिंधिया

संकल्प पत्र जारी करते हुए वीणा घाणेकर ने कहा कि सपाक्स पार्टी देश की एकता अखंडता और सामाजिक समरसता के लिए प्रतिबद्ध है. देश को भयमुक्त भ्रष्टाचार मुक्त समाज एवं त्वरित न्याय प्रणाली की आवश्यकता है. जातिगत आरक्षण के स्थान पर आर्थिक आधार पर आरक्षण किया जाना चाहिए, ताकि भारतवर्ष के हर गरीब को सामाजिक एवं आर्थिक उन्नति के समान अवसर प्राप्त हो सकें.

इन सीटों उतारे हैं सपाक्स ने उम्मीदवार

  • पोहरी सीट से उदयभान सिंह परिहार
  • बमोरी सीट से शिशुपाल यादव
  • अशोकनगर सीट से महेंद्र सिंह महावर
  • सांची सीट से हरिनारायण बेदी
  • हाटपिपल्या सीट से सुरेश शर्मा
  • सांवेर सीट से संतोष रत्नाकर
  • सुमावली सीट शत्रुघ्न सिकरवार
  • मुरैना सीट से धर्मेन्द्र सिकरवार
  • अम्बाह सीट से बीरबल महावर
  • मेहगांव सीट से दीपकर सिंह कुश्वाह
  • ग्वालियर पूर्व सीट से सुनील कुमार शर्मा

2018 में भी विधानसभा चुनाव में सपाक्स मैदान में उतरी थी और उसने एट्रोसिटी एक्ट और शिवराज सिंह चौहान के 'माई के लाल' के बयान को मुद्दा बनाया था, जिसका असर चुनाव में देखने को भी मिला था, लेकिन सपाक्स के लिए वो सीट में नहीं बदल पाया था. हलांकि इस वजह से बीजेपी को ग्वालियर चंबल में हार का सामना करना पड़ा था. अब देखने होगा इस बार उपचुनाव में सपाक्स कितना असर डालती है.

ABOUT THE AUTHOR

...view details