Big Announcement of CM Shivraj: आशा उषा कार्यकर्ताओं का मानदेय 2 से बढ़कर हुआ 6 हजार, अब सेवानिवृत्ति के बाद मिलेगा इतना पैसा - सीएम शिवराज सिंह चौहान ने किया बड़ा ऐलान
एमपी में सीएम शिवराज सिंह चौहान ने बड़ा ऐलान करते हुए आशा उषा कार्यकर्ताओं का मानदेय 2 हजार से बढ़ाकर 6 हजार कर दिया है.
आशा उषा कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ा
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Published : Jul 29, 2023, 7:30 PM IST
भोपाल।मध्य प्रदेश की आशा उषा कार्यकर्ताओं को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक बार फिर कई सौगातें दे डाली. भोपाल में हुए आशा उषा कार्यकर्ता सम्मेलन में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि "हर साल 1 हजार की बढ़ोतरी भी की जाएगी, इंसेंटिव प्रक्रिया का सरलीकरण ब्लॉक स्तर पर होगा. आशा कार्यकर्ताओं का रिटायरमेंट 60 से बढ़ाकर 62 साल किया, साथ ही अब आशा पर्वयेक्षक का वेतन साढ़े 13 हजार रुपये होगा. आशा-उषा लाड़ली बहना योजना में होंगी शामिल.
आशा उषा का मानदेय बढ़ाकर किया 6 हजार:सीएम शिवराज सिंह चौहान ने की घोषणा करते हुए कहा कि "आशा के वेतन भुगतान और सत्यापन आशा डायरी के आधार पर सहयोगियों के सत्यापन के उपरांत तत्काल ब्लॉक के स्तर पर ही कर दिया जाए. इसकी कोई न कोई समय सीमा निश्चित की जाए, लेकिन मेरी बहन आपको एक तो मिलता है इंसेंटिव और दूसरा मानदेय, 2 हजार रूपए हमने प्रारंभ किया था, मैं जानता हूं कि जिस स्तर का आपका काम है, अब लगभग पूरा समय हमारा जनता के स्वास्थ्य की चिंता करते हुए गुजरता है, इसलिए 2 हजार रु का मानदेय काफी कम है. इसको बढ़ाकर मैं 6 हजार करने का निर्देश देता हूं."
सेवानिवृत्ति की उम्र बढ़ी, अब नौकरी के बाद मिलेंगे 1 लाख:आगे सीएम ने कहा कि "शिवराज ने कहा कि जो रूटीन के काम हैं, कई बार उनमें भी कोई कमी ना होने पर भी कई आशा बहने सेवा से पृथक कर दी जाती हैं. मैं ये निर्देश दे रहा हूं कि बिना किसी गंभीर कारण के ये बहनें सेवा से पृथक नहीं की जाएंगी, आशा बहनें और पर्यवेक्षकों की सेवानिवृत्ति 60 साल से बढाकर 62 साल में की जाएंगी, जिससे वह स्वस्थ रहकर और बेहतर काम कर सके. आशा और आशा पर्यवेक्षक बहनों को मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा. इसके अलावा आशा, उषा और आशा पर्यवेक्षक बहनों को सेवानिवृत्ति के बाद 1 लाख की राशि दी जाएगी."
आशा उषा बहनें होंगी मुख्यमंत्री लाडली बहना से सम्मानित:शिवराज ने कहा कि कई "आशा उषा बहने अभी मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना में सम्मिलित नहीं हैं, हर आशा और उषा बहन को मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना में सम्मानित किया जाएगा, इसके लिए आवश्यक कार्यवाही की जाए. एक बात आई आकस्मिक अवकाश की, वैसे हमारा काम ऐसा है कि कब हमारी जरूरत पड़ जाए, लेकिन फिर भी मानवीयता के नाते हम ऐसी व्यवस्था बनाएं, इन्हें आकस्मिक अवकाश भी हर हालत में सुनिश्चित हो जाए."