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ट्रांसजेंडर को पहचान पत्र देने वाला पहला राज्य बना MP - ट्रांसजेंडर सर्टिफिकेट और ट्रांसजेंडर पहचान पत्र

मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है, जहां के दो ट्रांसजेंडरों को अपनी पहचान मिली है. भोपाल के इन दोनों ट्रांसजेंडर ने ट्रांसजेंडर आईकार्ड बनाने के लिए भारत सरकार के पोर्टल पर अप्लाई किया था, जिसके बाद भोपाल कलेक्टर ने उन्हें पहचान पत्र दिया है.

MP becomes first state in country to give identity card to transgender
ट्रांसजेंडर को पहचान पत्र देने वाला पहला राज्य बना MP

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Published : Jan 9, 2021, 7:31 PM IST

Updated : Jan 11, 2021, 3:44 PM IST

भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल देश का पहला शहर बन गया है, जहां उसने दो ट्रांसजेंडर को पहचान पत्र जारी किया है. ऐसा करने वाला भोपाल पहला शहर और मध्य प्रदेश पहला प्रदेश बना है. इससे पहले तक देश में ट्रांसजेंडर को कभी भी ट्रांसजेंडर आईडी जारी नहीं की गई थी.

ट्रांसजेंडर पहचान पत्र
भोपाल की दो ट्रांसजेंडर को मिली पहचान

भोपाल की अंजना सिंह और जुबेर सैयद जूली को ट्रांसजेंडर सर्टिफिकेट और ट्रांसजेंडर पहचान पत्र मिला है. मिनिस्ट्री ऑफ सोशल जस्टिस एंड एंपावरमेंट गवर्नमेंट ऑफ इंडिया के ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए राष्ट्रीय ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से इन दोनों ट्रांसजेंडर ने आवेदन दिया था. इसके बाद पूरी पड़ताल की गई और उसके बाद भोपाल कलेक्टर अविनाश लवानिया ने यह प्रमाण पत्र जारी किया है.

ट्रांसजेंडर की आईडी नहीं होती थी

अब तक आधार कार्ड, वोटर आईडी समेत अन्य दस्तावेज होते थे, लेकिन अलग से ट्रांसजेंडर की आईडी नहीं होती थी. भोपाल में 167 ट्रांसजेंडर हैं जो वोटिंग लिस्ट में हैं इनकी संख्या और भी ज्यादा हो सकती है, जिन्हें या जारी किया गया है.

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत ने ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्यों के लिए प्रमाणपत्र और पहचान पत्र के वास्ते ऑनलाइन आवेदन करने के लिए 25 नवंबर 2020 को एक राष्ट्रीय पोर्टल की शुरुआत की थी.

खुद डाउनलोड कर सकेंगे प्रमाण पत्र

इस अवसर पर गहलोत ने कहा था, पोर्टल के जरिए आवेदक अपने आवेदन की स्थिति को जान सकेंगे और इससे पूरी प्रकिया में पारदर्शिता आएगी, इसे जारी करने वाले प्राधिकारों को भी आवेदन के संबंध में कड़ाई से समय का पालन करना होगा तथा बिना किसी देरी के प्रमाण पत्र और पहचान पत्र जारी करने होंगे, उन्होंने कहा कि प्रमाणपत्र और पहचान पत्र जारी हो जाने पर आवेदक पोर्टल से इसे खुद डाउनलोड कर सकेंगे. देरी होने या आवेदन खारिज होने की स्थिति में आवेदनकर्ता के पास पोर्टल के जरिए शिकायत करने का विकल्प होगा. इस शिकायत को संबंधित अधिकारी तक अग्रसारित किया जाएगा और जल्द से जल्द शिकायत का समाधान होगा. मंत्री ने उम्मीद जताई थी कि पोर्टल से समुदाय के लोगों को काफी मदद मिलेगी और उन्हें ट्रांसजेंडर प्रमाणपत्र और पहचान पत्र मिल जाएंगे.

कहीं से भी उठा सकते हैं लाभ

सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रतनलाल कटारिया ने कहा था कि राष्ट्रीय पोर्टल के जरिए ट्रांसजेंडर समुदाय के लोग कहीं से भी इसका फायदा उठा सकते हैं.

Last Updated : Jan 11, 2021, 3:44 PM IST

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