ईटीवी भारत डेस्क :शनि देव शिव के भक्त और उपासक हैं. शनिवार का दिन भी शनि देव को समर्पित है. शनिवार के दिन पूजा करने से शनि देव शांत होते हैं. मान्यता है कि जिन लोगों की कुंडली में शनि ग्रह कमजोर है, जो लोग शनि साढ़े साती या शनि ढैय्या से पीड़ित हैं उन्हें शनिवार के दिन विशेष उपाय करने से शनि और राहु की पीड़ा से मुक्ति मिल जाती है. शनिवार (Shani Dev ke upay) यानी आज 21 मई 2022 को रवि योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, द्विपुष्कर योग का विशेष संयोग बन रहा है.
सात परिक्रमा और जल अर्पण :शनिवार के दिन पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाना चाहिए. फिर उसके बाद पीपल के पेड़ की सात बार परिक्रमा करनी चाहिए और उसके समक्ष सरसों के तेल का मिट्टी का दीपक जलाना चाहिए. ऐसा करने से शनि पीड़ा से मुक्ति मिल जाती है. इसके बाद मूर्ति पर सरसों का तेल चढ़ाकर शनि चालीसा का पाठ करना चाहिए. मान्यता है ऐसा करने से शनि साढ़ेसाती, ढैय्या और राहु के दोषों (Remedies for Rahu dosha) से राहत मिलती है.
जलाभिषेक और दान :शनिवार के दिन जल में काले तिल मिलाकर शिवलिंग का जलाभिषेक करना चाहिए. मान्यता है ऐसा करने से शनि देव प्रसन्न हो जाते हैं. शनिवार के दिन (Shanivar ke upay and totke) शनि से संबंधित चीजें जैसे काला या नीला कपड़ा, काली दाल, काले जूते, सरसों का तेल इत्यादि चीजों का दान करना चाहिए. मान्यता है ऐसा करने से शनि के प्रकोप से बचा जा सकता है. इसके राहु के दोषों से मुक्ति के लिये सात अनाज और मूली का भी दान कर सकते हैं.
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