श्योपुर। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया शनिवार को बाढ़ प्रभावित इलाकों के दौरे पर पहुंचे. इस दौरान वे श्योपुर पहुंचे, जहां उन्होंने जलालपुरा गांव में पहुंच कर बाढ़ प्रभावितों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना. लोगों की मांग पर उन्होंने हर साल बारिश के सीजन में टापू बन जाने वाले सुंडी गांव को दूसरे सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने और झोपड़ी गांव को राजस्व गांव घोषित किए जाने का
आश्वासन भी दिया. (Jyotiraditya Scindia Visit Sheopur)
ज्योतिरादित्य सिंधिया का श्योपुर दौरा बाढ़ पीड़ितों का रेस्क्यू जारी: मंत्री सिंधिया ने कहा कि संकट का समय हैं लेकिन हौसला न हारें मैं और प्रदेश सरकार आपकी मदद के लिए हमेशा तैयार है. उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री ने खुद भी चंबल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया है. बाढ़ के बीच में फंसे एक-एक व्यक्ति को गांव से वायु सेना के हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू करके सुरक्षित स्थान या कैंप तक पहुंचाया गया है. उन्होंने मीडिया को बताया कि सरकार की तरफ से बाढ़ पीड़ितों को राहत दी जा रही है, लोगों को और किस चीज की जरूरत है मैं इसकी समीक्षा कर रहा हूं. बाढ़ में फंसे हमारे भाइयों को हर संभव मदद दिलाने का प्रयास करुंगा. मौके पर मौजूद प्रशासन के अधिकारियों को प्रभावितों को जल्द से जल्द मुआवजा दिलाने की कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए. इस दौरान राजस्व मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, सिंचाई विभाग मंत्री तुलसी सिलावट और प्रभारी मंत्री भरत सिंह कुशवाहा भी मौजूद रहे.
सिंधिया बोले श्योपुर से हमारा आत्मीय संबंध: केंद्रीयमंत्री सिंधिया ने जलालपुरा गांव में लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि, चंबल और ग्वालियर संभाग के हर इलाके के लोग उनके परिवार के सदस्य हैं. उनसे मेरा आत्मीय लगाव है. सुख की घड़ी में एक बार को उनके बीच न आपाए हों लेकिन, आपदा या दुख की घड़ी में हम हमेशा उनके बीच आकर खड़े हुए हैं, और होते रहेंगे. सिंधिया ने कहा कि हमारी दादी राजमाता और स्वर्गीय पिता माधवराव सिंधिया भी हर मुश्किल घड़ी में श्योपुर के लोगों के बीच आते थे. एक बार पैर फैक्चर था तब भी मेरे पिता आपदा की स्थिति में श्योपुर आए थे. (Sheopur Flood Affected Areas)
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अधिकारियों को दिए निर्देश:सिंधिया ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिया कि, बाढ़ की वजह से घर, मकान, गृहस्थी के सामान और खेतों में रखी फसलों का तत्काल सर्वे करके जल्द मुआवजा देने की प्रक्रिया पूरी करें. मुआवजा बांटने का काम पूरी पारदर्शिता के साथ हो. इसके लिए बाढ़ पीड़ितों की सूची स्कूल और पंचायत भवन पर चस्पा कराई जाए. उन्होंने मौके पर मौजूद राजस्व मंत्री गोविंद सिंह राजपूत से कहा कि, हर साल बारिश में टापू बनने वाले सुंडी गांव को दूसरी जगह शिफ्ट करने की प्रक्रिया सिंचाई विभाग मंत्री और प्रशासन के साथ बैठकर जल्द से जल्द शुरू की जाए. झोपड़ी गांव को भी राजस्व गांव बनाया जाए ताकि ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का लाभ मिल सके. इसके अलावा किसानों के लिए परेशानी बनने वाले रास्ते और नालों पर पुलिया भी बनाई जाए. (Scindia Meet Flood Affected People)