ग्वालियर। हाईकोर्ट ग्वालियर बेंच ने एक अधिवक्ता द्वारा लगाई गई उस जनहित याचिका को खारिज कर दिया है और अपने अधिकार क्षेत्र से परे बताया है, जिसमें 20 लाख ईवीएम के कथित रूप से गायब होने की बात कही गई थी. हाईकोर्ट ने कहा है कि याचिकाकर्ता चुनाव आयोग में आवेदन दे सकता है.
20 लाख EVM गायब होने की जांच की मांग को लेकर दायर की याचिका हाईकोर्ट ने की खारिज - ग्वालियर हाईकोर्ट ने सुनाया फैसला
हाई कोर्ट की ग्वालियर खंड पीठ ने EVM गायब होने को लेकर दायर की गई याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें 20 लाख ईवीएम के कथित रूप से गायब होने की बात कही गई थी. हाईकोर्ट ने कहा है कि याचिकाकर्ता चुनाव आयोग में आवेदन देने के लिये स्वतंत्र हैं.

दरअसल, पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के एक अधिवक्ता उमेश बोहरे ने जनहित याचिका दायर करके मांग की थी कि, चुनाव आयोग द्वारा मेंटेनेंस के लिए दी गई करीब 20 लाख ईवीएम गायब हो गई हैं, जिनका आयोग में आरटीआई के तहत मुंबई के एक कार्यकर्ता समाजसेवी को जानकारी दी गई थी. सोमवार को याचिका पर सुनवाई हुई थी तब इस पर कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था.
बुधवार को इस पर हाईकोर्ट का फैसला आया है, जिसमें उसने याचिका को तथ्यों से परे बताते हुए अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर का बताया है और याचिकाकर्ता अधिवक्ता को स्वतंत्रता दी है कि वह इस मामले में चुनाव आयोग में आवेदन लगाकर अपनी बात कह सकते हैं. अधिवक्ता का यह भी आरोप था कि गायब मशीनों का दुरुपयोग लोकसभा चुनाव के दौरान किया गया है. इसमें चुनाव आयोग राज्य सरकार मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी और ग्वालियर चंबल संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर को पक्षकार बनाया गया था.