साहिबगंज:झारखंड का साहिबगंज जिला बाढ़ प्रभावित क्षेत्र है. प्रत्येक वर्ष बाढ़ की विभीषिका ने किसानों की कमर तोड़ दी हैं. प्रत्येक वर्ष किसान का फसल बाढ़ में डूब जाता है, जिससे किसान को भारी नुकसान का सामना करना पड़ता है. ऐसी स्थिति में जिला प्रशासन और राज्य सरकार किसानों का फसल बीमा कराती है ताकि बाढ़ में क्षतिपूर्ति राशि किसानों को दिया जा सके, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति कुछ और बयां कर रही है.
साहिबगंज के किसानों ने किया सहकारिता विभाग का घेराव, फसल क्षतिपूर्ति बीमा राशि की मांग - फसल बीमा
साहिबंगज में बाढ़ के कारण किसानों की फसल प्रत्येक वर्ष डूब जाती है, जिससे किसान को भारी नुकसान का सामना करना पड़ता है. ऐसी स्थिति में किसानों का फसल बीमा कराती है ताकि बाढ़ में क्षतिपूर्ति राशि किसानों को दिया जा सके, लेकिन पिछले चार साल से किसानों को बीमा राशि नहीं मिला हैं. नाराज किसानों ने सहकारिता विभाग का घेराव किया.

ये भी देखें- धनबादः ट्रेन की चपेट में आने से युवक की मौत, मोबाइल पर वीडियो देखने के दौरान हुआ हादसा
अपनी फसल का बीमा कराने के बावजूद भी हम लोग को बीमा का लाभ नहीं मिल पाता है. किसानों का परेशानी देखने वाला कोई नहीं है. 4 साल से सहकारिता विभाग का चक्कर लगा रहे हैं, सिर्फ सांत्वना छोड़ कुछ नहीं मिलता है. वहीं, इस संबंध में जब उप विकास आयुक्त से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मामला संज्ञान में आया है. किसानों को क्षतिपूर्ति उनकी फसल का अभी तक नहीं मिला है. जिला सहकारिता पदाधिकारी से बात हुई है बहुत जल्द अड़चनों को दूर करते हुए किसानों का बीमा भुगतान कराने का प्रयास किया जाएगा.
निश्चित रूप से किसान का फसल बीमा से बीमा कंपनियों को करोड़ों रुपया का फायदा प्रत्येक वर्ष होता है, लेकिन जब किसानों को क्षतिपूर्ति राशि देने की बात होती है तो बीमा कंपनी हाथ खड़ा कर देती है या जिला प्रशासन से तालमेल कंपनी से नहीं बन पाता है. सवाल अनेक है देखना होगा कि जिला प्रशासन कितना सकारात्मक कदम उठा पाती है.