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रांचीः टेरर फंडिंग मामले में आरोपी विनीत अग्रवाल और अन्य को झारखंड हाई कोर्ट से बड़ी राहत - विनीत अग्रवाल को झारखंड हाई कोर्ट से बड़ी राहत जारी

टेरर फंडिंग मामले में बीकेबी ट्रांसपोर्ट कंपनी के उच्च अधिकारी विनीत अग्रवाल को झारखंड हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. हाईकोर्ट ने विनीत अग्रवाल और अन्य पर अगली सुनवाई तक किसी भी प्रकार की पीड़क कार्रवाई न करने का आदेश दिया है.

रांचीः टेरर फंडिंग मामले में आरोपी विनीत अग्रवाल और अन्य को झारखंड हाई कोर्ट से बड़ी राहत जारी
झारखंड हाई कोर्ट

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Published : Feb 10, 2020, 11:48 PM IST

रांचीः टेरर फंडिंग मामले में बीकेबी ट्रांसपोर्ट कंपनी के उच्च अधिकारी विनीत अग्रवाल को झारखंड हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. हाई कोर्ट ने विनीत अग्रवाल और अन्य पर अगली सुनवाई तक किसी भी प्रकार की पीड़क कार्रवाई न करने का आदेश दिया है.

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एनआईए को जवाब देने के लिए समय

झारखंड हाई कोर्ट के न्यायाधीश अमिताभ कुमार गुप्ता और न्यायाधीश राजेश कुमार की अदालत में टेरर फंडिंग मामले में आरोपी विनीत कुमार अग्रवाल और अन्य की याचिका पर सुनवाई हुई. अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के उपरांत आरोपी विनीत अग्रवाल को राहत देते हुए उन पर किसी भी प्रकार की पीड़क कार्रवाई न करने का एनआईए को आदेश दिया है. साथ ही अदालत ने आरोपी विनीत अग्रवाल और अन्य को रांची और देश न छोड़ने का आदेश दिया है. अदालत ने 5 मार्च तक एनआईए को फिर से अपना जवाब पेश करने के लिए समय दिया है. सुनवाई के दौरान एनआईए की ओर से जवाब पेश करने के लिए समय की मांग की गई, जिसे अदालत ने स्वीकार करते हुए, उन्हें समय दिया और मामले की अगली सुनवाई 5 मार्च को तय की है.

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आरोप एनआईए एक्ट से अलग

पूर्व में सुनवाई के दौरान आरोपी की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा ने अदालत को बताया कि एनआईए ने जो हमारे ऊपर आरोप लगाया है, वह गलत है. उन्होंने यह माना कि वह अपनी जान बचाने के लिए टीपीसी उग्रवादी संगठन को पैसा देते थे, लेकिन यह पैसा टेरर फंडिंग का पैसा कहना गलत है. उन्होंने कहा कि वे संगठन उनसे यह पैसा जबरन वसूल करते थे, न कि उसे फंड के रूप में देते हैं. इसलिए एनआईए का यह कहना गलत है, कि यह टेरर फंडिंग है. उन्होंने अदालत को बताया कि एनआईए की ओर से लगाया गया आरोप एनआईए एक्ट से अलग है. इसलिए उन पर लगाया गया आरोप गलत है और इसे रद्द कर दिया जाना चाहिए. उनके आग्रह को स्वीकार करते हुए अदालत ने एनआईए को जवाब पेश करने को कहा था, जो पेश नहीं किया जा सका. अदालत ने फिर एक बार समय देते हुए मामले की अगली सुनवाई 5 मार्च को तय की है.

बता दें कि एनआईए ने 10 जनवरी 2020 को एनआईए की विशेष अदालत में बीकेबी ट्रांसपोर्ट कंपनी के उच्च अधिकारी विनीत अग्रवाल के खिलाफ चार्जशीट पेश किया था. एनआईए की विशेष अदालत ने 13 जनवरी 2020 को संज्ञान लिया था और 17 जनवरी 2020 को वारंट जारी किया. प्रार्थी विनीत अग्रवाल और अन्य ने एनआईए के विशेष अदालत की ओर से जारी वारंट को झारखंड हाई कोर्ट में चुनौती दी है. उसी याचिका पर सुनवाई के उपरांत अदालत ने एनआईए को अपना जवाब पेश करने को कहा था.

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