रांची: वित्तीय वर्ष 2021-22 का तृतीय और अंतिम अनुपूरक बजट को झारखंड विधानसभा से मंजूरी मिल गई है. बुधवार को भोजनावकाश के बाद सदन में सरकार की ओर से सोमवार को पेश 2698.14 करोड़ के अनुपूरक बजट पर चर्चा हुई. चर्चा के दौरान वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने सरकार की तरफ से सदन में जवाब दिया.
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उन्होंने कहा कि भारत सरकार से मिलने वाली राशि को खर्च करने के लिए अनुपूरक बजट जरूरी है. पेट्रोल सब्सिडी को लेकर भी अनुपूरक बजट लाना सरकार की मजबूरी थी. नई योजना के लिए अनुपूरक बजट लाया जाता है. इस अनुपूरक बजट के माध्यम से पोषण सखी के मानदेय के भुगतान के लिए 38 करोड़ का प्रस्ताव है. अनुपूरक बजट को मार्च लूट की संज्ञा नहीं दी जा सकती है.
विधायकों और मंत्री के बयान अनुपूरक बजट पर जमकर हुई राजनीति: सरकार की ओर से पेश तीसरे अनुपूरक बजट पर सदन के अंदर और बाहर जमकर राजनीति हुई. विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी के विधायक अनुपूरक बजट पर हो रही चर्चा के दौरान सरकार पर मार्च लूट को बढ़ावा देने के लिए इसे लाने का आरोप लगाते हुए सदन से वाक आउट कर गये. भाजपा विधायक अमर बाउरी ने अनुपूरक बजट को औचित्यहीन बताते हुए कहा कि एक तरफ सरकार बजट की राशि खर्च नहीं कर पाई है. वहीं, दूसरी ओर मूल बजट से ठीक एक दिन पहले चालू वित्तीय वर्ष का अनुपूरक बजट लाना कहां से उचित है.
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भाजपा विधायक अनंत ओझा ने अनुपूरक बजट की आलोचना करते हुए कहा कि इस वित्तीय वर्ष के बजट की राशि सरकार अभी तक मात्र 40 फीसदी खर्च कर पाई है. वहीं, दूसरी तरफ अनुपूरक लाई है. इधर विपक्ष के हमला पर वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने सफाई देते हुए कहा कि अभी तक 52 फीसदी राशि चालू वित्तीय वर्ष का खर्च हुआ है. उन्होंने अनुपूरक बजट लाने के पीछे कई वजह होने की बात कहते हुए इसे आवश्यक बताया.