रांचीः भारतीय संस्कृति के अनुसार हर पर्व त्योहार का खास महत्व होता है वहीं प्रकाश के पर्व दीपावली का महत्व और भी खास होता है जिसकी तैयारी लोग महीने भर शुरू कर देते हैं.
इस पर्व को लेकर कुम्हार महीनों पहले से ही दीया बनाने में जुड़ जुट जाते हैं, लेकिन कोरोना महामारी के कारण इनके रोजगार पर गहरा असर पड़ा है जिससे इनकी आर्थिक स्थिति खराब हो गयी है.
राजधानी रांची के बढ़िया बस्ती में 30 से 35 कुम्हारों का परिवार है जो पिछले कई दशकों से मिट्टी के दिए घरेलू सिंगार बर्तन जैसे 36 तरह के सामान बनाने का काम करते हैं, लेकिन इस बार कोरोना महामारी ने इनके रोजगार पर गहरा असर डाला है जिसकी वजह से इनकी आर्थिक स्थिति खराब हो गई है.
साल भर मिट्टी से लोटपोट रहने वाले इन इन कुम्हारों को इस पर्व का खास इंतजार रहता है और यही वजह है कि कई महीनों पहले से ही कुम्हार का पूरा परिवार दीया बनाने की तैयारी में जुट जाते हैं, लेकिन इस बार इन्हें दीया बनाने का ऑर्डर काफी कम मिला है.