रांची: झारखंड राज्य में विभिन्न थाना में पांच साल या उससे अधिक समय से लंबित मामलों के निपटारे का आदेश पुलिस मुख्यालय ने दिया है. पुलिस मुख्यालय ने इस संबंध में सभी जिलों के एसपी और रेंज डीआईजी को जो निर्देश जारी किए हैं. निर्देश के अनुसार चरणबद्ध तरीके से पांच साल के लंबित मामलों का निटपारा कर लेना है. आदेश के अनुसार पूरे झारखंड में पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के सारे मामलों का भी निष्पादन अगस्त महीने तक करने के निर्देश दिए गए हैंं. इन मामलों में राज्य पुलिस मुख्यालय ने पाया था कि कई बार पुलिसकर्मियों को बिना दोष के निलंबित कर दिया जाता है. वहीं विभागीय कार्रवाई लंबित रखी जाती है.
झारखंड पुलिस मुख्यालय ने दिया निर्देश, '5 साल से लंबित मामलों का जल्द निपटारा करें SP' - Jharkhand Police Headquarters Instructed Range DIG
झारखंड में कानून-व्यवस्था में सुधार के लिए पुलिस प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं. इसको लेकर पुलिस मुख्यालय की ओर से सभी जिलों के एसपी और रेंज डीआईजी को निर्देश जारी किया गया है. जिसमें स्पष्ट शब्दों में कहा गया है कि राज्यभर के विभिन्न थानों में 5 साल से लंबित मामलों का जल्द निपटारा करने के आदेश दिए गए हैं.

ये भी पढ़ें: कोरोना काल में छात्रों के उड़ान पर लगी ब्रेक, सताने लगी है भविष्य की चिंता
पुलिस मुख्यालय का आदेश है कि जून महीने तक की विभागीय कार्रवाई के सारे मामलों का निष्पादन अगस्त माह तक कर लिया जाए. राज्य पुलिस मुख्यालय के द्वारा नौ बिंदुओं पर जिलों के एसपी, वाहनियों के कमांडेंट और जोनल डीआईजी के कामकाज की मॉनिटरिंग हो रही है. डीआईजी स्तर के अधिकारियों के द्वारा थानों और पुलिस प्रतिष्ठानों का निरीक्षण और उसमें सक्रियता, पुलिसकर्मियों के स्थानांतरण संबंधि आवेदनों के विधिवत संचालन, सेवा पुस्तिकों को अद्यतन किए जाने, लंबित विभागीय कार्रवाईयों का निष्पादन, पुलिसकर्मियों के विरूद्ध शिकायतों का त्वरित निष्पादन, निलंबन की समीक्षा और उसका निराकरण, कनीय पुलिसकर्मियों की समस्याओं का निदान और कल्याणकारी पहलुओं को लेकर चलाए जा रहे अभियान सम्मान के पहलुओं पर मॉनिटरिंग की जा रही है.