रांची: व्यापारियों को आयकर रिटर्न में लाभ पहुंचाने के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत में सुनवाई हुई. अदालत ने 31 अगस्त तक अदालत में उपस्थित होकर जवाब पेश करने को कहा है.
व्यापारियों को आयकर रिटर्न में री-असेसमेंट कर उन्हें लाभ पहुंचाने के मामले में सीबीआई की दिल्ली शाखा ने एक और आयकर अधिकारी (आईटीओ) व जमशेदपुर के सोनारी निवासी सुवीर कुमार गांगुली को आरोपी बनाया है.
सीबीआई ने मामले में पूरक चार्जशीट दाखिल की है जिसमें 15वें आरोपी के रूप में सुवीर कुमार गांगुली का नाम है. उन पर विश्वनाथ अग्रवाल एवं अन्य व्यापारियों को री-असेसमेंट में मदद पहुंचाने के नाम पर ढाई लाख रुपए अवैध राशि लेने का आरोप है.
सीबीआई ने मामले में विश्वनाथ अग्रवाल, पवन मौर्या एवं संतोष शाह के बीच मोबाइल पर हुई बातचीत को आधार बनाया है. पूर्व में सीबीआई तत्कालीन प्रधान आयकर आयुक्त तापस कुमार दत्ता समेत 14 आरोपियों को खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है. दाखिल चार्जशीट पर सीबीआई के विशेष न्यायाधीश एके मिश्रा की अदालत ने संज्ञान लेते हुए आरोपी के खिलाफ समन जारी कर दिया है.
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आरोपी को 31 अगस्त तक स्वयं या फिर अधिवक्ता के माध्यम से अदालत में हाजिर होने का निर्देश है. मामले को लेकर सीबीआई टीम ने आरसी 3(ए)/2017 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है.