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आईएएस छवि रंजन के करीबी कारोबारी, जमीन माफियाओं के ठिकानों पर ईडी की दबिश, कई अहम सबूत बरामद - Jharkhand news

आईएएस छवि रंजन पर ईडी का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है. बुधवार को उनके कई करीबी कारोबारी और जमीन माफियाओं के ठिकानों पर ईडी ने दबिश दी.

ED raid on businessman
ED raid on businessman

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Published : Apr 26, 2023, 10:40 PM IST

Updated : Apr 27, 2023, 7:38 AM IST

रांची:जमीन घोटाला मामले में रांची के पूर्व डीसी छवि रंजन के करीबियों पर शिकंजा कसना शुरू हो चुका है. जमीन घोटाले को लेकर ईडी ने बुधवार को रांची में छवि रंजन के करीबी कारोबारी रवि कुमार भाटिया, श्याम सिंह, जमीन माफिया शेखर कुशवाहा, प्रिय रंजन सहाय और विपिन कुमार सिंह के ठिकानों पर छापेमारी की, छापेमारी में कई तरह के कागजात ईडी के द्वारा जब्त किए गए हैं.

सुबह 6.40 से शुरू हुई छापेमारी:बुधवार सुबह 6.40 बजे ईडी की टीम ने रांची और जमशेदपुर में छापेमारी शुरू की, ईडी की टीम रांची में शेखर कुशवाहा के सदर थाना क्षेत्र के गाड़ीगांव, प्रियरंजन सहाय के कोकर बैंक रोड, विपिन सिंह के मोरहाबादी सत्येंदू अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 402, जमशेदपुर में विष्ठुपर में रवि सिंह भाटिया के बरगोनिया टावर और श्याम सिंह के जुगसलाई स्थित ठिकानें पर दबिश दी. रांची के मोरहाबादी स्थित टैगोर हिल रोड में छापेमारी के दौरान विपिन सिंह घर पर नहीं था, ऐसे में ईडी की टीम ने उसके फ्लैट को सील कर दिया. जानकारी मिली कि विपिन फिलहाल दिल्ली में है जिसके बाद उसे दिल्ली में ईडी की टीम ने पकड़ा और मुख्यालय ले जाकर पूछताछ की.

अहम साक्ष्य मिले ईडी को:गौरतलब है कि रांची में ईडी सेना की जमीन में हुए फर्जीवाड़े की जांच कर रही है. बुधवार को हुए रेड में रांची में सेना जमीन में खरीद बिक्री में फर्जीवाड़े के तथ्य ईडी को मिले हैं. इसी आधार पर ईडी ने छापेमारी भी की थी. छापेमारी के दौरान ईडी को रवि सिंह भाटिया के यहां से 30 लाख जबकि शेखर कुशवाहा के यहां से 10 लाख नकद मिले है. वहीं रेड के दौरान भू माफियाओं के ठिकानों से जमीन संबंधी दस्तावेज, तकनीकी साक्ष्य ईडी ने बरामद किए हैं.

छवि रंजन के कहने पर एक ही दिन में कट गया था 83 साल का रसीद:रेड के दौरान ईडी को छवि रंजन से जुड़ी कई जानकारियां हासिल हुई है. रांची के बजरा में खाता नंबर 140 की सात एकड़ जमीन की रजिस्ट्री रवि सिंह भाटिया और श्याम सिंह के नाम से चार अलग अलग डीड के जरिए हुई थी. भूमि की लगान रसीद महज रजिस्ट्री के एक दिन पहले निर्गत किया गया था. साल 1938 से 2021 तक की लगान रसीद एक ही दिन में तत्कालीन डीसी छवि रंजन के आदेश से जारी की गई थी. इस मामले में भूमि के दावेदार चंदन कुमार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. जिसमें जमाबंदी के डीसी के आदेश को गलत बताते हुए जमाबंदी रद्द कर दी गई थी. मामले में तत्कालीन कमिश्नर नितिन मदन कुलकर्णी ने भी छवि रंजन के आदेश को नियम विरूद्ध बताया था. खाता नंबर 140 के सारे कागजात भी रिकॉर्ड रूम से गायब है.

सरकारी दर से कम में बेची गई थी जमीन:ईडी ने जांच में पाया है कि जमीन का सरकारी दर 29.88 करोड़ था, लेकिन इस जमीन को सरकारी दर से काफी कम 15.10 करोड़ में बेचा गया था. विक्रेता को सर्किल रेट से अधिक कीमत मिलनी चाहिए थी, ऐसे में इस जमीन की खरीद बिक्री में भी मनी लाउंड्रिंग का अंदेशा है.

चेशायर होम रोड की जमीन में अफसर के पार्टनर हैं शेखर, प्रिय रंजन, विपिन:ईडी ने कोलकाता से फर्जी दस्तावेज बनाने के मास्टरमाइंड अफसर अली को रिमांड पर लेकर लगातार पूछताछ की है. इस दौरान अफसर अली ने बताया है कि चेशायर होम रोड में पांच एकड़ जमीन के कागजात उसने बनाए थे. इस जमीन में निवेश के लिए करोड़ों रुपये की जरूरत थी, ऐसे में अफसर खान ने प्रियरंजन सहाय से सपंर्क किया था. इसके बाद प्रियरंजन सहाय, विपिन कुमार सिंह और शेखर कुशवाहा ने जमीन में पैसों का निवेश किया था. जमीन को लेकर बाद में प्रिय रंजन सहाय और शेखर कुशवाहा के बीच विवाद हो गया था. जिसके बाद शेखर पर फायरिंग की घटना घाटशिला में हुई थी. इस मामले में भी वेटरन क्रिमिनल मो सद्दाम गिरफ्तार हुआ था. सेना की जमीन के कागजात फर्जी तरीके से बनाने के बाद अंचल से जुड़े काम की लाइजनिंग विपिन कुमार सिंह के द्वारा किए जाने की बात सामने आयी है.

Last Updated : Apr 27, 2023, 7:38 AM IST

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