रांची:राजधानी में हथियार का लाइसेंस लेने वाले 100 से ज्यादा लोग पुलिस की रडार पर हैं. पुलिस को यह जानकारी मिली है कि राजधानी रांची में कई ऐसे तत्व मौजूद हैं जो लाइसेंसी हथियार का दुरुपयोग कर रहे हैं. पुलिस अब वैसे लोगों का रिकॉर्ड खंगालने में जुट गई है.
रांची एसएसपी चन्दन सिन्हा के निर्देश पर रडार पर आए व्यक्तियों का पुलिस रिकॉर्ड खंगाल रही है. पुलिस अपने सूत्रों से यह जानने का प्रयास कर रही है कि जिन लोगों के पास लाइसेंसी हथियार है, कहीं वे उसके बल पर समाज में अशांति तो नहीं फैला रहे हैं, या फिर वह कहीं हर्ष फायरिंग में शामिल तो नहीं रहे हैं. जिले के सभी थाना प्रभारी को निर्देश दिया गया है कि उनके थाना क्षेत्र में जितने भी वैसे लोग हैं जो लाइसेंसी आर्म्स रखे हुए हैं, उनकी गतिविधियों का सत्यापन कर रिपोर्ट तैयार करें. किसी का भी अगर रिपोर्ट संदेहास्पद मिला तो पुलिस की तरफ से रांची डीसी को उनके आर्म्स लाइसेंस को रद्द करने की अनुशंसा कर दी जाएगी.
कारतूस का हिसाब भी लेगी पुलिस:आर्म्स लाइसेंस लेने वाले हथियार खरीदने के साथ-साथ कारतूस की खरीद भी करते हैं. कारतूस बेचने वाले लाइसेंसी दुकानदार और वैसे लोग जो कारतूस खरीदते हैं, दोनों से ही पुलिस की टीम यह जानकारी जुटा रही है. लाइसेंसी हथियार विक्रेता से यह जानकारी ली जा रही है कि उन्होंने कितने कारतूस बेचे हैं. वहीं खरीदने वालों से यह जानकारी जुटाई जा रही है कि आपने जो कारतूस खरीदा, उसका प्रयोग कहां किया.
आत्मरक्षा के लिए दिया जाता है हथियार:पुलिस को यह जानकारी मिली है कि आर्म्स लाइसेंस लेने वाले कई लोग हर्ष फायरिंग में लिप्त हैं. ऐसे में पुलिस अब उनके द्वारा खरीदी गई गोलियों का हिसाब ले रही है. क्योंकि यह सभी जानते हैं कि आर्म्स लाइसेंस आत्मरक्षा के लिए प्रदान किया जाता है, ना कि शादी ब्याह में फायरिंग करने के लिए. इस संबंध में स्पेशल ब्रांच भी लाइसेंसी हथियार खरीदने वालों पर नजर रख रही है. उनकी तरफ से भी रांची पुलिस को रिपोर्ट सबमिट की जाएगी.