हजारीबाग: स्वच्छ भारत मिशन के तहत हजारीबाग में कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं. नगर निगम क्षेत्र ओडीएफ घोषित किया जा चुका है, लेकिन यह कीर्तिमान धुमिल होता जा रहा है. आम जनता को परेशानी ना हो इसे देखते हुए नगर निगम में पूरे नगर निगम क्षेत्र में कई शौचालय का निर्माण कराया है, जिसमें पुरुष और महिला के लिए अलग-अलग व्यवस्था किया गया है, लेकिन साफ सफाई के अभाव के कारण शौचालय का हाल बुरा है.
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10 मॉडल सुलभ शौचालय का भी निर्माण
अगर लोग शौचालय गए तो हो सकता है कि वे बीमार पड़ जाए. ऐसे में शौचालय का उपयोग नहीं हो रहा है. अगर कोई व्यक्ति शौचालय के बगल से गुजर जाए तो बदबू से परेशान हो जाएगा. कहीं पानी की कमी है तो कहीं और समस्या ऐसे में नगर निगम के उपमहापौर राजकुमार लाल भी यह मानते हैं कि वे लोग शौचालय देने में फेल हो गए हैं.
वहीं, हजारीबाग में 10 मॉडल सुलभ शौचालय का भी निर्माण किया गया है, लेकिन यह सुलभ शौचालय उद्घाटन के आस में बंद पड़े हैं. ऐसे सुलभ शौचालय में किसी भी तरह की कमी भी नहीं है. बच्चों के लिए अलग व्यवस्था है तो दिव्यांग लोगों के लिए भी विशेष इंतजाम किया गया है, लेकिन किसी न किसी कारणवश यह बंद पड़े हैं. ऐसे में पदाधिकारी भी कहते हैं कि वे लोग किसी एनजीओ को शौचालय देने को तैयार हैं. अगर कोई आए और इसकी जिम्मेवारी उठाएं तो वे फ्री ऑफ कॉस्ट दे दे, लेकिन उनकी यही शर्त रहेगी कि शौचालय साफ-सुथरा रखें ताकि इसका उपयोग हो सके.