गिरिडीह: इस साल सावन पूर्णिमा (Sawan Purnima) की तिथि गुरुवार और शुक्रवार दोनों दिन है. ऐसे में कुछ श्रद्धालु गुरुवार को सावन पूर्णिमा मना रहे हैं. वहीं कुछ शुक्रवार को मनाएंगे. बगोदर प्रखंड के प्रसिद्ध शिव मंदिर हरिहर धाम में सावन पूर्णिमा (Harihar Dham on Sawan Purnima) को लेकर गुरुवार की अहले सुबह से ही शिवभक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी है. इस बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन भी नजर रख रही है.
सावन पूर्णिमा पर हरिहर धाम में उमड़ी शिवभक्तों की भीड़, आभूषण पहनकर मंदिर नहीं आने की अपील - Raksha Bandhan Muhurat 2022
Sawan Purnima को लेकर गिरिडीह के प्रसिद्ध शिव मंदिर Harihar Dham में शिवभक्तों की भीड़ उमड़ रही है. इस बार 11 और 12 अगस्त दोनों दिन सावन पूर्णिमा को लेकर हरिहर धाम में भीड़ देखे जाने की प्रबल संभावना है. भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. इधर मंदिर प्रबंधक ने लोगों से आभूषण पहनकर मंदिर न आने की अपील की है.
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आभूषण पहनकर मंदिर नहीं आने की अपील: सावन पूर्णिमा के मौके पर बगोदर के प्रसिद्ध शिव मंदिर हरिहर धाम (Harihar Dham) में हर साल श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है. ऐसे में यहां चोर-उचक्के भी सक्रिय रहते हैं, जो भीड़ के बीच लोगों के आभूषण और मोबाइल पर हाथ साफ कर लेते हैं. इसे देखते हुए मंदिर प्रबंधक भीम यादव ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यहां पूजा करने के लिए जरूर आएं लेकिन, कीमती आभूषण पहनकर नहीं आएं और मोबाइल का भी ध्यान से रखें. मंदिर प्रबंधक ने कहा है कि अगर श्रद्धालु आभूषण पहनकर और मोबाइल लेकर पूजा करने के लिए मंदिर पहुंचते हैं. तब उसकी सुरक्षा उन्हें खुद करनी होगी.
सावन पूर्णिमा दो दिन होने से क्या दोनों दिन मनाए जाएंगे रक्षाबंधन: सावन पूर्णिमा की तिथि दो बार पड़ने से बहनें भी रक्षाबंधन मनाने को लेकर (Raksha Bandhan Muhurat 2022) असमंजस में हैं. पंडितों और ज्योतिषाचार्यों की मानें तो रक्षाबंधन के त्योहार पर इस बार भद्रा का साया है और रक्षाबंधन का त्योहार भद्रा में नहीं मनाना चाहिए, इससे भाई के साथ परिवार को भी हानि होती है. वे बताते हैं कि 11 अगस्त को दिन भर भद्रा नक्षत्र रहेगा और रात को 8:47 के बाद ही यह खत्म होगी. इसके बाद ही राखी बांधना उत्तम रहेगा. इस लिहाज से कहा जा सकता है कि 11 तारीख को राखी रात में ही बांधी जाएगी और यह सिलसिला अगले दिन 12 अगस्त तक चलेगा.