नई दिल्लीःराष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के नए राष्ट्रीय महासचिव की कमान झारखंड के गढ़वा जिला निवासी याज्ञवल्क्य शुक्ल को मिली है. वहीं उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से ताल्लुक रखने वाले डॉ राजशरण शाही अभाविप के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष (New National president Of ABVP)निर्वाचित हुए हैं. याज्ञवल्क्य शुक्ल ने झारखंड में आदिवासी समुदाय के विद्यार्थियों के लिए काफी काम किया है और वर्तमान में बिहार क्षेत्र के क्षेत्रीय सह संगठन मंत्री का दायित्व संभाल रहे हैं. फिलहाल इनका केंद्र पटना है.
दोनों पदाधिकारी इसी माह जयपुर में होने वाले 68वें राष्ट्रीय अधिवेशन में अपना पद ग्रहण करेंगेःचुनाव अधिकारी डॉ एस. सुबैय्या ने 2022-23 सत्र के लिए दोनों के निर्वाचन के संबंध में बताया कि दोनों पदों का कार्यकाल एक वर्ष का होगा. दोनों पदाधिकारी इसी माह राजस्थान के जयपुर में होने वाले 68वें राष्ट्रीय अधिवेशन में अपना पद ग्रहण करेंगे.
झारखंड के याज्ञवल्क्य शुक्ल बने ABVP के राष्ट्रीय महासचिव, डॉ राजशरण शाही नए राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित - yagyavalkya shukla of jharkhand
झारखंड के याज्ञवल्क्य शुक्ल को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया (General Secretary of ABVP) है. वहीं नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की कमान गोरखपुर के डॉ राजशरण शाही को मिली है.

झारखंड के गढ़वा जिले से ताल्लुक रखते हैं याज्ञवल्क्य शुक्लः अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय महासचिव याज्ञवल्क्य शुक्ल मूलत: झारखंड के गढ़वा जिले से ताल्लुक रखते हैं. शुक्ल गढ़वा के जगजीत सिंह नामधारी महाविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष और रांची विश्वविद्यालय के निर्वाचित छात्रसंघ उपाध्यक्ष रह चुके हैं.
लखनऊ के बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में सह आचार्य के पद पर कार्यरत हैं डॉ राजशरण शाहीः आपको बता दें कि अभाविप के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर निर्वाचित डॉ राजशरण शाही मूलत: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से हैं और वर्तमान में लखनऊ के बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में सह आचार्य के पद पर कार्यरत हैं.