रांची: गुरुवार को वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे के मौके पर राजधानी में मानसिक रोगों के विशेषज्ञ और सलाहकारों की ओर से अभिभावकों और स्कूल के शिक्षकों के साथ स्वास्थ्य विभाग ने एक परिचर्चा कराई. इस चर्चा में मेंटल हेल्थ कंसलटेंट ने कार्यक्रम में आए स्कूल के शिक्षकों और अभिभावकों को जानकारी देते हुए बताया कि किस प्रकार से बच्चों और युवाओं को डिप्रेशन और नशे की लत से रोकी जा सकती है.
मौके पर मौजूद स्वास्थ्य विभाग के सचिव डॉ नितिन मदन कुलकर्णी ने कहा कि पारिवारिक तनाव को लेकर आत्महत्या की समस्याएं ज्यादा देखी जाती हैं. वहीं, नशे की लत भी आत्महत्या के लिए एक बड़ी समस्या है. इसलिए इस तरह की चर्चा स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कराई जाती है ताकि लोगों में जागरूकता फैलाई जा सके और आत्महत्या जैसी घटनाओं में कमी लाई जा सके. मेंटल हेल्थ कंसलटेंट डॉ शांतना कुमारी ने बताया कि पूरे विश्व में 8 लाख लोग हर साल आत्महत्या कर रहे हैं, जिसमें हर 4 सेकंड में एक व्यक्ति आत्महत्या कर रहा है.
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आत्महत्या की घटनाओं में भारत सबसे आगे
वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे के मौके पर जानकारी देते हुए बताया गया कि विश्व में आत्महत्या की घटनाओं में भारत सबसे आगे है और झारखंड में भी लगातार डिप्रेशन जैसी बीमारियों में बढ़ोतरी देखी जा रही है. फिलहाल लगभग 12 फीसदी लोग झारखंड में डिप्रेशन के शिकार हैं. इस परिचर्चा में राजधानी के कई स्कूलों के प्रिंसिपल, अभिभावकों और मेंटल हेल्थ कंसलटेंट को बुलाया गया. जहां लोगों को यह बताया गया कि किस तरह से स्ट्रेस मैनेजमेंट करने से डिप्रेशन में कमी लाई जा सकती है.