रांची: चुनाव के दौरान आईडी बम लगाकर पोलिंग पार्टी और सुरक्षाबलों को नक्सली निशाना बना सकते हैं. जिसके बाद नक्सलियों के चुनाव बहिष्कार और सुरक्षाबलों पर संभावित हमले को रोकने के लिए झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ ने अपनी कमर कस ली है.
तीन सीटों पर चुनाव
29 अप्रैल को झारखंड के तीन लोकसभा क्षेत्र लोहरदगा, पलामू और चतरा में मतदान होना है. तीनों लोकसभा क्षेत्रों के नक्सल प्रभावित इलाकों में बम निरोधक दस्ता सीआरपीएफ के जवानों के साथ नक्सलियों के द्वारा लगाए गए बम को निष्क्रिय करने में लगा हुआ है, ताकि नक्सली अपने मंसूबे में कामयाब न हो सके.
लगातार अभियान
झारखंड पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, घोर नक्सल प्रभावित जिलों में घने जंगल के बीच के पोलिंग बूथ और दूरस्थ बूथों तक पहुंचने वाले रास्तों पर एक महीना पहले से ही अभियान शुरू हो चुका है. नक्सल थ्रेट वाले हर रास्ते पर बम डिस्पोजल स्क्वायड के साथ सीआरपीएफ अभियान चला रही है.
आईडी लगाए जाने की सूचना
झारखंड पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक, ऐसे कई जगह हैं, जहां नक्सलियों के द्वारा आईडी लगाए जाने की सूचना मिली है. झारखंड पुलिस ने राज्य में अब तक तकरीबन 50 ऐसे बूथों को चिन्हित किया है, जहां पैदल या गाड़ी से जाने पर नक्सली हमले की आशंका है. ऐसे में उन बूथों पर सीधे क्लस्टर से हेलीकॉप्टर के जरिए मतदान कर्मियों और सुरक्षाबलों को पहुंचाया जाएगा.
खास निगरानी
झारखंड पुलिस मुख्यालय के द्वारा जिले के सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वह अति संवेदनशील बूथों के पास बनने वाले हेलीपैड की खास निगरानी रखें. हेलीपैड पर भी सुरक्षा के खास इंतजाम किए जाएं, ताकि वहां आईडी या प्रेशर बम नहीं लगाया जा सके.