गिरिडीहःजिले में स्कूली बच्चे पढ़ाई के लिए जान जोखिम में डाल रहे हैं. स्कूल जाने की जिद में इन्हें यह परवाह नहीं कि वे जिस तरह से घर से स्कूल जा रहे हैं वह काफी खतरनाक है. जान जोखिम में डालने वाली यह तश्वीर ईटीवी भारत के कैमरे में कैद हुई जो हैरान करने वाला है.
ये भी पढ़ेंःझारखंड के प्लस-2 स्कूलों में कहीं शिक्षक हैं तो विद्यार्थी नहीं, कहीं स्टूडेंट्स हैं तो टीचर नहीं, कैसे संवरेगा भविष्य
दरअसल शुक्रवार की सुबह लगभग 8:15 में जब ईटीवी के संवाददाता अमरनाथ सिन्हा खबर संकलन के लिए निकले तो डुमरी प्रखंड के चैनपुर के समीप गिरिडीह से रांची जा रही एक बस पर उनकी नजर पड़ी. देखा कि बस की छत पर दर्जनों बच्चें चढ़ें हैं. यह नजारा डराने वाला था.
शिक्षा मंत्री का है इलाका
यहां बता दें कि डुमरी प्रखंड डुमरी विधानसभा क्षेत्र में पड़ता है. सूबे के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ही इस क्षेत्र के विधायक हैं. जिस चैनपुर में बच्चे बस की छत पर सवार हुए वह इलाका भी डुमरी विधानसभा में है. जबकि विद्यालय भी डुमरी विधानसभा में है.
ड्राइवर का बचकाना बयान
इधर इस मामले पर बस के ड्राइवर बासुदेव से बात की गई तो उसका अपना ही तर्क था. उसका कहना था कि यदि वो बस को नहीं रोकेगा तो अगले दिन से बस को चलने नहीं दिया जाएगा. लोग लड़ाई करने आ जाएंगे. उसने कहा कि लड़ाई करने से बढ़िया है कि बच्चों को बस पर चढ़ा लिया जाए.
प्रशासन पर भी सवाल
बहरहाल बस की छत पर मासूमों की सवारी और इस तरफ किसी का ध्यान नहीं जाना बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है. सवाल प्रशासन से भी है, बाइक और छोटे वाहनों की जांच करने वाली पुलिस से भी है. वहीं इन बच्चों के अभिभावकों से भी सवाल है. कि क्या इन बच्चों की जिंदगी की कोई कीमत नहीं.