सोलन:भारतीय किसान संघ सोलन (Indian Farmers Association Solan)इकाई द्वारा किसानों की मांग को लेकर एसडीएम सोलन अजय यादव के माध्यम से राष्ट्रपति को(Farmers union submitted memorandum in Solan) ज्ञापन भेजा गया. ज्ञापन में किसानों को पेश आ रही समस्याओं के बारे में अवगत कराया गया. भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष प्रेमचंद शर्मा ने बताया कि किसानों को उनकी उपज का मूल्य नहीं मिलने के कारण किसान कर्जदार होता जा रहा. यद्यपि सरकार अपने ढंग से कई प्रकार की मदद करती,लेकिन इसका क्रियान्वयन सही ढंग से न होने के कारण किसानों की दशा में सुधार नहीं हो पा रहा.
भारतीय किसान संघ सोलन: SDM को सौंपा राष्ट्रपति के नाम का ज्ञापन, जानें क्या हैं मांगें - Himachal Hindi News
भारतीय किसान संघ सोलन (Indian Farmers Association Solan)इकाई द्वारा किसानों की मांग को लेकर एसडीएम सोलन अजय यादव के माध्यम से राष्ट्रपति को(Farmers union submitted memorandum in Solan) ज्ञापन भेजा गया. ज्ञापन में किसानों को पेश आ रही समस्याओं के बारे में अवगत कराया गया. भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष प्रेमचंद शर्मा ने बताया कि किसानों को उनकी उपज का मूल्य नहीं मिलने के कारण किसान कर्जदार होता जा रहा. यद्यपि सरकार अपने ढंग से कई प्रकार की मदद करती,लेकिन इसका क्रियान्वयन सही ढंग से न होने के कारण किसानों की दशा में सुधार नहीं हो पा रहा.
![भारतीय किसान संघ सोलन: SDM को सौंपा राष्ट्रपति के नाम का ज्ञापन, जानें क्या हैं मांगें Indian Farmers Association Solan](https://etvbharatimages.akamaized.net/etvbharat/prod-images/768-512-14157078-125-14157078-1641896078351.jpg)
उन्होंने कहा कि परेशान किसान इतनी मांग कर रहा है कि उसकी फसल का मूल्य, लागत एवं उस पर लाभ जोड़कर भुगतान की व्यवस्था की जाए. इसके लिए कानूनी प्रावधान करते हुए क्रियान्वयन की प्रक्रिया प्रस्तुत की जाए, तब बेरोजगारी की वर्तमान स्थिति में अधिक से अधिक नौजवान, खेती-किसानी की ओर आकर्षित होंगे, देश में बेरोजगारी की समस्या का समाधान भी इसी रास्ते से निकल सकता है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार की कई योजनाएं/परियोजनाएं चलाई जा रही, लेकिन किसान उस लाभ से वंचित है. किसान खेती से विमुख होता जा रहा.
भारतीय किसान संघ की मांगे-बेसहारा पशुओं के लिए गौ अभ्यारण्य निश्चित समयावधि में बनाया जाए, बन्दरों, सूअरों तथा नील गाय द्वारा खेती की उजाड़ एवं जानमाल के नुकसान को देखते हुए इनका उचित प्रबन्धन किया जाए, केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा राज्य में प्रचलित सभी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रार्थना पत्र से स्वीकृति तक की ऑनलाइन पारदर्शी प्रक्रिया का ई-पोर्टल बनाया जाए, कृषि शोध संस्थानों द्वारा प्रदेश की भौगोलिक सूक्ष्म जलवायु व मिट्टी पर आधारित कृषि जलवायु परिस्थिति के अनुसार उपयुक्त चिन्हित फसलों की खेती मानचित्रित की जाए, कृषि शोध संस्थानों द्वारा कृषि आदानों व उत्पादन लागत कम करने के लिए प्रदेश की भौगोलिक परिस्थिति अनुसार शोध कार्य योजना बनाई जाए, 6. विभिन्न विभागों व विभाग के अन्दर चल रही एक जैसी सभी योजनाओं का अभिसरण करके किसानों के लिए सुविधाजनक बनाकर लाभकारी बनाए, गौ आधारित जैविक खेती व दुधारू पशुधन के प्रोत्साहन को बढ़ावा देने के लिए स्वदेशी गौ खरीदने के लिए सभी किसानों को अनुदान/प्रोत्साहन राशि दी जाए, नदियों में अवैध खनन से गिरता जल स्तर, सिंचाई योजनाएं ठप व उजड़ती खेती से निजात दिलाई जाए.
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