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बाग पशोग में जल्द शुरू होगा प्रदेश का पहला शी-हाट, जीरो वेस्ट भवन का किया जाएगा निर्माण - पच्छाद विधानसभा क्षेत्र

पच्छाद विधानसभा क्षेत्र की महिलाओं की आर्थिकी मजबूती और घर द्वार पर रोजगार देने के लिए शी-हाट शुरू किया जा रहा है. इस शी-हाट में केवल महिलाएं ही कार्य करेंगी, जिसके लिए शुरुआती चरण में 25 महिलाओं का चयन किया गया है.

State's first She-Haat will be built in Bagh Pashog
बाग पशोग में जल्द शुरू होगा प्रदेश का पहला शी-हाट

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Published : Jan 29, 2020, 3:06 PM IST

नाहन: जिला सिरमौर के पच्छाद विधानसभा क्षेत्र की महिलाओं की आर्थिकी मजबूती और घर द्वार पर रोजगार देने के लिए शी-हाट शुरू किया जा रहा है. बुधवार को पच्छाद के बाग पशोग क्षेत्र में शिमला संसदीय क्षेत्र के सांसद सुरेश कश्यप ने शी-हाट का शिलान्यास किया.

बता दें कि शी-हाट खोलने का मुख्य उद्देश्य स्थानीय महिलाओं की आर्थिकी मजबूत करने के साथ पारंपरिक वस्तुओं व खाने के सामान को पहचान दिलाना है. इस शी-हाट में केवल महिलाएं ही कार्य करेंगी, जिसके लिए शुरुआती चरण में 25 महिलाओं का चयन किया गया है. यहां महिलाएं पर्यटकों के लिए पारंपरिक व्यंजन के साथ पत्तों से बनी डोनें, पतलों, कपड़ें के थैलों समेत अन्य वस्तुओं को बेचेंगी.

स्थानीय महिलाएं शी हाट के जल्द शुरू होने से काफी उत्साहित हैं. स्थानीय महिलाओं का कहना है कि घर द्वार पर रोजगार के अवसर से उन्हें उनकी आर्थिकी मजबूत करने में बहुत सहायता मिलेगी और वो अपने परिवार के पोषण में अपना सहयोग और बढ़ा पाएंगी.

शी-हाट का शिलान्यास करने पहुंचे सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि इस शी-हाट में महिलाओं द्वारा तैयार किए गए पारम्परिक उत्पादों को प्रदर्शित करने के अतिरिक्त विक्रय केंद्र की सुविधा भी यही मिल पाएगी. कश्यप ने कहा कि शी-हाट में रियायती दरों पर पर्यटकों के लिए ठहरने की व्यवस्था होगी, जहां महिलाएं पर्यटकों के लिए पारम्परिक भोजन और पेय पदार्थों की सुविधा उपलब्ध करवाएंगी.

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वहीं, उपायुक्त सिरमौर डॉ. आरके परुथी ने बताया कि महिलाओं को आर्थिकी सुदृढ़ करने के साथ इस शी- हाट में एक जीरो वेस्ट भवन बनेगा, जो सौर ऊर्जा से कार्य करेगा. इस भवन में रूफ टॉप हार्वेस्टिंग, प्लास्टिक कचरे से पॉली ब्रिक्स और गीले कचरे से खाद एवं बायो गैस के प्रबंधन का प्रावधान होगा. उन्होंने बताया कि इसमें छोटे बायोगैस संयत्र को चलाने के लिए रसोई और शौचालय के कचरे का उपयोग किया जाएगा, जो रसोई के लिए आवश्यक ईंधन प्रदान करेगा.

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