पांवटा साहिबः जिला सिरमौर के शिलाई क्षेत्र में समय पर अस्पताल न पहुंचने पर एक महिला का प्रसव एम्बुलेंस में करवाना पड़ा. प्रसव के बाद नवजात शिशु बेहोशी की हालत में था. मामले की गंभीरता को देखते हुए 108 कर्मचारियों ने तुरंत सीपीआर देकर बच्चे की जान बचाई. तकरीबन 10 मिनट के बाद बच्चे की हालत में सुधार हुआ.
108 में हुई महिला की डिलीवरी, मां हार चुकी थी हौसला...एंबुलेंस कर्मियों ने सीपीआर देकर बचाई बच्चे की जान - नवजात को 25 मिनट तक कृत्रिम सांस
सुबह छह बजे के करीब शिलाई निवासी कौशल्या देवी को 108 एंबुलेंस प्रसव के लिए अस्पताल ले जा रही थी. इसी दौरान शिलाई से 20 किलोमीटर दूर बोराड के पास मरीज की तबीयत खराब होने लगी. 108 एंबुलेस में मौजूद ईएमटी और अन्य स्टाफ ने एंबुलेंस में ही महिला की डिलीवरी करवाने का फैसला लिया.
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बता दें कि सुबह छह बजे के करीब शिलाई निवासी कौशल्या देवी को 108 एंबुलेंस प्रसव के लिए अस्पताल ले जा रही थी. इसी दौरान शिलाई से 20 किलोमीटर दूर बोराड के पास मरीज की तबीयत खराब होने लगी. 108 एंबुलेस में मौजूद ईएमटी और अन्य स्टाफ ने एंबुलेंस में ही महिला की डिलीवरी करवाने का फैसला लिया. महिला के पेट में बच्चा उल्टा हुआ था. ईमटी बस्ती राम और पायलट प्रदीप ने किसी तरह से महिला की डिलीवरी करवाई.
डिलीवरीहोने के बाद बच्चा बेहोश हालत में था, परिजन भी हिम्मत हार चुके थे, लेकिन बिना देर किए ईएमटी और पायलट ने तुरंत बच्चे को सीपीआर दिया. करीब दस मिनट के बाद बच्चे की हालत में सुधार होने लगा और तुरंत पांवटा अस्पताल पहुंचाया गया जहां दोनों स्वस्थ्य लाभ ले रहे हैं.